
सिंहवाड़ा, देशज टाइम्स। हनुमाननगर मध्य विद्यालय परिसर में एचएम की कार ने शौचालय व चापाकल की दीवार को धाराशायी कर दिया। वहीं, वहां मौजूद स्कूली बच्चे बाल-बाल बच गए।
जानकारी के अनुसार, रामपुरा पंचायत स्थित हनुमाननगर उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर के अंदर अनियंत्रित अल्टो कार की टक्कर से स्कूल के शौचालय की दीवार व चापाकल शेड धराशायी हो गई।
क्षतिग्रस्त कार प्रधानाध्यापक मीना कुमारी की बताई जाती है। मंगलवार की दोपहर बरामदे पर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या (20) के बच्चे खेल रहे थे जो इस घटना में बाल-बाल बचकर अफरा तफरी के बीच स्कूल से बाहर मुख्य सङक पर आ गए।
महज संयोग था कि कार की जबरदस्त टक्कर के समय शौचालय व चापाकल पर छात्र व शिक्षक नहीं थे। इससे बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, कार से हुई टक्कर को लेकर स्थानीय ग्रामीण, शिक्षक व एचएम अपना पक्ष के साथ अलग अलग दावे कर रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीण जितेंद्र ठाकुर, सुबेश ठाकुर, संत ठाकुर, रामदहिन यादव, कृष्ण कुमार ठाकुर, सतीश ठाकुर समेत अन्य ने बताया कि मंगलवार की दोपहर स्कूल में तेज आवाज सुनकर जब परिसर के अंदर देखा कि एचएम की कार से शौचालय की दीवार क्षतिग्रस्त होकर धराशायी हो गई है।
उस समय एचएम कार के अंदर पिछले सीट बैठी हुई थी। कार का ड्राइवर इस्माइल ड्राइवर सीट पर बैठा था, जिससे उसके पैर में चोट आई है। जबरदस्त टक्कर के कारण कार का अगला भाग के परखचे उड़ गए।
कार के आंतरिक तकनीकी खराबी के बाद भी वाहन को आनन फानन में घटनास्थल से हटाया गया।बोनट मुड़कर आधा हो गया जबकि बुधवार की सुबह 10:30 बजे पत्र कारों की टीम विद्यालय पहुंची तो मात्र एक शिक्षक मो. साजिद व स्थानीय मीड डे मील की दो रसोइया जयमंती देवी व पूनम देवी स्कूल परिसर से बाहर निकल रही थी।
अंदर के सभी कमरों में ताला लगा था। एचएम, शिक्षक व छात्र विद्यालय से अनुपस्थित मिले। रसोइया ने बताया कि आज एमडीएम भी नही बना है।
मौके पर विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या (20) की सेविका कल्पना कुमारी ने बताया कि घटना के समय वह बरामदे में आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ पठन पाठन कर रही थी। कुछ बच्चे खेल भी रहे थे।
बरामदे के बगल में शौचालय भवन है हुआ है। दोपहर का समय था स्कूल के बच्चे परिसर में खेलकूद रहे थे इस बीच प्रधाना ध्यापक की कार शौचालय की दीवार से टकरा गई।
कार में मैडम व ड्राइवर बौठे थे। घटना में कार का ड्राइवर भी चोटिल हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने एचएम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाकर बताया कि उनके चालक की ओर से बच्चों की क्लास में हस्तक्षेप किया जाता है।
शिक्षकों के आने व जाने का निर्धारित समय सुनिश्चित नही है। अभिभावकों द्वारा शिकायत करने पर उन्हें विधालय परिवार की ओर से धमकाया जाता है।
एचएम मीणा कुमारी से मोबाइल पर इस संबंध में पूछे जाने पर पहले तो रिपोर्टर से कि खबर नही प्रकाशित करने की बात कही। उसके बाद कहने लगी कि ड्राइवर कार के अंदर गाना सुन रहा था। मैं कार्यालय में थी कि उसी समय अचानक स्कूल के एक टीचर ड्राइवर से कहे कि हमको गाड़ी चलाना सीखा दो।
इस दौरान गाड़ी में बैठकर जैसे टीचर ने चालू किया कि कार शौचालय के दिवार टकरा गई। शिक्षक का नाम पूछे जाने पर एचएम ने इनकार कर कहने लगी कि किसी को कुछ हुआ नहीं है। खबर मत छापिएगा। बीईओ अशोक कुमार मिश्र से मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका।







