

सिंहवाड़ा, देशज टाइम्स। सिंहवाड़ा प्रखंड के रामपुरा स्थित महंत विशेश्वर दास इंटर काॅलेज(Mahant Visheshwar Das Inter College) परिसर में स्थापित महाविद्यालय के संस्थापक एवं भूमि दाता स्व. महंत विशेश्वर दास और प्रो. परमानंद चौबे की प्रतिमाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बुधवार को अनावरण किया गया।
इस समारोह के अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घघाटन किया। समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए बिहार विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि शिक्षा पर आधारित भारतीय संस्कृति को मजबूत करने में स्कूल व काॅलेज के बच्चों की भूमिका अहम है।
शैक्षणिक संस्थान को स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का अलख जागृत करने वाले दोनों महापुरुष स्व.महंत विशेश्वर दास और प्रो.परमानंद चौबे को मैं नमन करता हूं। साथ हीं, उनकी प्रतिमाओं के अनावरण करने का हिस्सेदार बनना सदा मेरे लिए स्मरणीय रहेगा।
प्रारंभिक व उच्च शिक्षा के संबंध में बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि हमारी शिक्षा कोचिंग पर आधारिक क्यों है, इस अहम मुद्दे पर सबको विचार करने की आवश्यकता है। बढ़ती आबादी के अनुरूप शिक्षण संस्थान का नहीं होना समाज व सरकार के लिए चिंता का विषय है।
आधुनिक व तकनीकी शिक्षा के माध्यम से सरकार रोजगार के अवसर प्रदान कर युवाओं को प्रोत्साहित करने का निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं अपने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बाहर के सार्वजनिक प्रोग्राम में शामिल नहीं होता, लेकिन यहां विशेष परिस्थिति में उपस्थिति दर्ज कर अपनों से मिलने का अवसर मिला है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि बिहार सरकार के उधोग मंत्री समीर महासेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्य मंत्री तेजस्वी यादव के कार्यकाल में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के साथ शिक्षित युवाओं को सरकारी सेवा में जाने का मौका मिल रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य व लघु उधोग के क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने का सफल प्रयास चल रहा है। शैक्षणिक संस्थान के दोनों महान विभूतियों की प्रतिमा अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करने को याद रखने की जरूरत है।
बेनीपुर विधायक डॉ.विनय कुमार चौधरी ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में शिक्षा के क्षेत्र में आई नई क्रान्ति राज्य सरकार की देन है। भारतीय संस्कृति में शिक्षक को सम्मान देने की परंपरा को कायम रखने के साथ दिवंगत प्रो. परमानंद चौबे व महंत विशेश्वर दास के कार्यकाल को स्मरण कर उनके शिक्षा के क्षेत्र में कुशल मार्ग दर्शन को आजीवन स्मरण रखने की जरूरत है।
बिहार विधान परिषद प्रेस सलाहकार समिति के सदस्य मदन मोहन ठाकुर ने कहा कि प्रो. परमानंद चौबे और महंत विश्वेश्वर दास जैसे दानवीरों ने रामपुरा में दानवीरता की एक ऐसी लकीर खींच दी है, जिसे युग-युगों तक याद रखा जाएगा।
शिक्षाविद डॉ.वीरेंद्र चतुर्वेदी ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि अहिल्यास्थान से गौतमकुंड दो विभूतियों के स्मृति में आयोजित अनावरण समारोह दिव्य शक्ति प्रदान कर शिक्षा का अलग जागृत करने की ओर रेखांकित करता है।
आचार्य डॉ.रिपुसूदन झा के शांति मंत्र व छात्राओं द्वारा प्रस्तुत लोक गीत के बीच आगत अतिथियों का पाग चादर से स्वागत किया गया। प्रो.विजय ठाकुर ने मंच संचालन किया।
समारोह में रामपुरा मठ के महंत गुलाब दास, जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश ठाकुर, प्रमुख पुष्पा झा, मुखिया पप्पू चौधरी, सुधीरकांत मिश्र, पंसस रीता चौबे, प्रधानाचार्य चंद्र भूषण प्रसाद सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य प्रो. शिवेशवर पाठक, उप प्रधानाचार्य रिजवान खान, प्रो. डौली कुमारी, प्रो. हीरा प्रसाद सिंह, संतोष ठाकुर, डॉ.अमरेंद्र प्रकाश चौबे, अमरेंद्र प्रसाद चौधरी, प्रो.मनोज सिंह आदि मौजूद थे। प्रो. शैलेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।







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