Kusheshwarsthan Waterlogging: बिहार के कुशेश्वरस्थान में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सीएचसी रोड पर 2 से 3 फीट तक जलजमाव हो जाने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। यह सड़क अब तालाब में तब्दील हो चुकी है, जिससे आवागमन जानलेवा साबित हो रहा है।
कुशेश्वरस्थान में 3 फीट पानी! हर दिन हो रहे हादसे, श्रावणी मेला से पहले क्यों नहीं निकल रहा समाधान?
Kushweshwarsthan Waterlogging: बिहार के कुशेश्वरस्थान में सीएचसी रोड पर भयानक जलजमाव से लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। यह रास्ता अब किसी तालाब से कम नहीं दिखता, जहां नाले और बारिश का गंदा पानी 2 से 3 फीट तक जमा रहता है। कुशेश्वरस्थान सीएचसी को धवोलिया एसएच 56 से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर हर दिन हादसे हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों परेशान हैं।







सड़क पर 3 फीट पानी, हर दिन गिर रहे वाहन
कुशेश्वरस्थान के बाजार का नाला सीएचसी के पास आकर ही खत्म हो जाता है। आगे पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं होने के कारण सारा पानी सड़क पर ही रुक जाता है। हल्की बारिश में भी पूरा इलाका झील में बदल जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पैदल चलना तो दूर, गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो गया है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक और टेम्पो जैसे वाहन अपना संतुलन खो देते हैं। प्रतिदिन 2 से 4 गाड़ियों के गिरने की आशंका बनी रहती है, और तेज रफ्तार से चलने पर तो गाड़ियां पलट भी जाती हैं, जिससे सवार जख्मी हो जाते हैं।
श्रावणी मेला से पहले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी
सबसे ज़्यादा दिक्कत बाबाकुशेश्वरनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को हो रही है। उन्हें इस गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे वे अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। श्रावणी मेला अब नजदीक है, और ऐसे में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है, जब लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि बाजार में नाला तो बना है, लेकिन उसका आउटलेट नहीं है। अर्धनिर्मित नाला पानी को सड़क पर ही छोड़ देता है, जिससे जलजमाव खत्म नहीं हो पाता।

कार्यपालक पदाधिकारी ने बताई ‘रैयती जमीन’ की समस्या
लोगों ने यह भी बताया कि अधिकारी मौके पर तभी आते हैं, जब किसी बड़े अधिकारी के दौरे की सूचना मिलती है। तब आनन-फानन में पंप लगाकर पानी निकाला जाता है। इस संबंध में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी गोपाल कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
नाला निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन रैयती जमीन होने के कारण नाले को बहाव का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से पानी की निकासी बंद है। फिलहाल पंपसेट के सहारे जमा पानी को निकाला जा रहा है।
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि रैयती जमीन की समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए और नाले को मुख्य निकासी से जोड़ा जाए। उनकी यह भी मांग है कि सीएचसी रोड पर एक पक्का नाला और एक स्थायी पंपिंग स्टेशन बनाया जाए। इससे न सिर्फ श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाया जा सकेगा, बल्कि रोज होने वाले सड़क हादसों पर भी लगाम लगेगी।
रोजाना हो रहे हादसे, जान जोखिम में डालकर चल रहे लोग
कुशेश्वरस्थान का सीएचसी रोड, जो कुशेश्वरस्थान सीएचसी को धवोलिया एसएच 56 से जोड़ता है, पूरी तरह जलमग्न है। बाजार का गंदा नाला सीएचसी के पास लाकर छोड़ दिया गया है, और आगे निकासी का कोई रास्ता नहीं है। हल्की बारिश में भी पूरा इलाका झील जैसा बन जाता है। स्थानीय बताते हैं कि पैदल चलना तो दूर, वाहन चलाना भी बेहद खतरनाक हो गया है। पानी में छिपे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बाइक और टेम्पो का संतुलन बिगड़ जाता है। रोजाना 2 से 4 गाड़ियों के गिरने की आशंका बनी रहती है, और अक्सर तेज रफ्तार में वाहन पलटने से सवार जख्मी हो जाते हैं।
श्रावणी मेले पर मंडराया संकट, श्रद्धालुओं में नाराजगी
सबसे अधिक परेशानी बाबाकुशेश्वरनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को हो रही है। उन्हें इस गंदे और गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। श्रावणी मेला नजदीक है, ऐसे में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में नाला तो बना है, लेकिन उसका आउटलेट नहीं है। यह अर्धनिर्मित नाला पानी को सड़क पर ही छोड़ देता है। जब तक स्थायी निकासी का प्रबंध नहीं होगा, जलजमाव की समस्या खत्म नहीं होगी।
नगर पंचायत ने बताई मजबूरियां, लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी मौके पर नहीं आते। सिर्फ किसी बड़े अधिकारी के दौरे की सूचना मिलने पर ही आनन-फानन में पंप लगाकर पानी निकाला जाता है। इस संबंध में कुशेश्वरस्थान नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी गोपाल कुमार ने अपनी सफाई दी है।
गोपाल कुमार ने बताया कि नाला निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन रैयती जमीन होने के कारण नाले को बहाव का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से पानी की निकासी बंद है। फिलहाल पंपसेट के सहारे जमा पानी को निकाला जा रहा है।
हालांकि, लोगों की मांग है कि रैयती जमीन का समाधान निकालकर नाले को मुख्य निकासी से जोड़ा जाए। उन्होंने सीएचसी रोड पर पक्का नाला और एक स्थायी पंपिंग स्टेशन बनाने की अपील की है, ताकि श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और रोजाना होने वाले हादसों पर लगाम लगाई जा सके। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द निकालना होगा, ताकि श्रावणी से पहले लोगों को राहत मिल सके।









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