
अवैध निर्माण: दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में एक बड़ा बवाल होते-होते बचा। होमगार्ड परिसर में अचानक शुरू हुए निर्माण कार्य को लेकर यूनिवर्सिटी और जिला प्रशासन आमने-सामने आ गए। विश्वविद्यालय की जमीन पर बिना अनुमति के हो रहे निर्माण को लेकर भारी गहमागहमी देखने को मिली।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) के कादिराबाद स्थित हनुमान मंदिर के पास होमगार्ड परिसर में जिला प्रशासन की ओर से बिना किसी सूचना या आदेश के अवैध निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। विश्वविद्यालय के गार्डों ने जब इस पर आपत्ति जताई और काम रोकने की कोशिश की, तो निर्माण कार्य कर रहे लोगों ने कथित तौर पर जिलाधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी और उन्हें डराया भी। यह भूमि विवाद अब जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय के बीच एक बड़ी चुनौती बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यूनिवर्सिटी ने उठाया कड़ा कदम
इस घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के भू-संपदा पदाधिकारी डॉ. कामेश्वर पासवान ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने डीसीएलआर (अपर समाहर्ता सह भूमि सुधार उप समाहर्ता) से फोन पर बात की और विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। डॉ. पासवान ने डीसीएलआर से कहा कि यह जमीन विश्वविद्यालय की है और इस पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए।
डीसीएलआर ने मानी अपनी गलती, रोका ‘अवैध निर्माण’
विश्वविद्यालय के पदाधिकारी से बातचीत के बाद डीसीएलआर ने अपनी अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने बताया कि होमगार्ड के सार्जेंट ने उन्हें यह जानकारी नहीं दी थी कि यह जमीन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की संपत्ति है। फिलहाल, डीसीएलआर ने निर्माण कार्य को रोकने का आदेश दे दिया है और कहा है कि अब इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। इस अवैध निर्माण पर विश्वविद्यालय की सतर्कता ने एक बड़े अतिक्रमण को टाल दिया है। इस भूमि विवाद के स्थायी समाधान की आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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