
दरभंगा नगर निगम की हालत में सुधार नहीं दिख रहा। जब किसी की जान नाले में डूबने से हो गई तब वहां नगर निगम के अधिकारी पहुंचते हैं। खानापूरी करते हैं और फिर बात वहीं खत्म हो जाती है जहां से शुरू हुई थी। मौत वाले जगह का नगर प्रबंधक ने लिया जायजा। जल्द निदान का भरोसा दिखा मगर सवाल यही है कि आखिर कब तक क्या निदान हो पाता है?
अब इसको लेकर वार्ड 29 के पूर्व पार्षद डॉ. मुन्ना खान ने दरभंगा नगर निगम को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कहा है कि अगर इन दो दिनों के अंदर इस नाले की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो हम लोग सड़क जाम कर धरना पर बैठ जाएंगे।
यहां लोग इस नाले में गिरते रहते हैं। घायल होते रहते हैं।कई बार इसकी जानकारी विभाग को दी गई, लेकिन कभी तक किसी ने इसकी सुधि लेना उचित नहीं समझा।
इसके बाद इस तरह की घटना हो गई और एक व्यक्ति की जान चली जाती है। अगर, इन दो दिनों में कोई समुचित कार्रवाई नहीं हुई तो फिर वही प्रदर्शन, सड़क जाम…ऐसे में कब तक चलेगा यह शहर यूं ही नालों में गिरता-पड़ता-जान गंवाता।
जानकारी के अनुसार, खान चौक स्थित खुले नाले का नगर निगम के नगर प्रबंधक स्नेहल पहुंचकर घटनास्थल का लिया जायजा। रहमगंज पूर्व टोला निवासी व्यक्ति एक दिन पूर्व इसी नाला में डूबकर मौत हो गई थी। जिसकी लाश इसी खान चौक कब्रिस्तान के किनारे सटे हुए नाले से रविवार की सुबह नाले में तैरती हुई बरामद हुई थी।
इसके बाद स्थानीय वार्ड 29 के लोगों ने दरभंगा नगर निगम के नगर प्रबंधक, अजहर हुसैन को इसकी सूचना दी। आज वह आए। मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। वस्तु स्थिति से आज जाकर अवगत हुए।
मौके पर नगर प्रबंधक अजहर हुसैन ने कहा घटनास्थल का खुला हुआ नाला होने के कारण और काफी गहराई के साथ 7 से 8 फीट लंबा और 4 से 5 फीट चौड़ी यह नाला पूरी तरह से खुला हुआ है।
सड़क किनारे होने से काफी खतरनाक स्थिति में हैं। इस तरह से सालों से यही स्थिति बनी हुई है कुछ वर्ष पहले सिटी की दीवार सड़क किनारे बनाई गई थी जो काफी छोटी थी और वह भी टूटकर नाले में गिर गई थी।
नगर प्रबंधक ने बताया ने बताया किस वजह से यह नाला टूटा इसकी जानकारी हमें नहीं है नाला देखने से मालूम होता है काफी 7 से 8 फीट लंबा नाला है उन्होंने बताया हमारा इंजीनियर आएगा और अवलोकन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लाल झंडा लगाया गया है।
यह दुर्घटना का केंद्र नाला वार्ड नंबर 28 में आता है सड़क से पूरा कब्रिस्तान की दीवार से सटे यानाला जो पूरी तरह से खुला है, जिसका निदान सालों से नहीं हो पाया है। डूडा एवं अन्य विभागों की ओर से इस तरह से सड़क और नाले का निर्माण कराया जाता है।







