spot_img

दरभंगा के जाले में संत शिरोमणि श्रीजी महाराज ने कहा, जटा-जूट धारी, ज्ञान-विहीन-पाखंडी-अज्ञानी क्षद्मभेषी साधुओं से बचें

spot_img
- Advertisement -

जाले,देशज टाइम्स। आत्मा का श्रवण करो, मनन करो तथा ध्यान करो। आत्मा के विज्ञान जानने से सब विज्ञात हो जाता है। यह उद्गागर संत शिरोमणि श्रीजी महाराज ने मंगलवार को जालेश्वरी मंदिर परिसर स्थित महावीर स्थान में एक दिवसीय संत समागम को संबोधित करते हुए कही।

- Advertisement -

उन्होंने जटा-जूट धारी, ज्ञान-विहीन-पाखंडी-अज्ञानी क्षद्मभेषी साधुओं से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि आत्मतत्त्व का श्रवण श्रुति-वाक्यों के द्वारा करना चाहिए। मनन तार्किक युक्तियों से करना चाहिए। योग प्रतिपादित उपायों की ओर से उसका निदिध्यासन यानी ध्यान करना चाहिए।

ये ही दर्शन के लिए हैं। भारत में धर्म और दर्शन में अविच्छेद्य मैत्री रही है। दर्शन का आविर्भाव ही इसलिए है कि वह तीनों तापों से संतप्त जन की शान्ति के लिए, क्लेश बहुल संसार से निवृत्ति पाने के लिए, सुंदर तथा निश्चित मार्ग का उपदेश देता है।
दर्शनशास्त्र की ओर से सुचिन्तित आध्यात्मिक तथ्यों के ऊपर ही भारतीय धर्म की प्रतिष्ठा है। वेद पर उन्होंने कहा की धर्म और दर्शन, दोनों के मूल आधार वेद ही हैं। दर्शन विचारों का प्रतिपादक है और इन्हीं विचारों के अनुसार आचारों की व्यवस्था करना धर्म का काम है।
दर्शन सिद्धान्त प्रतिपादक है तो धर्म व्यवहार प्रदर्शक है। बिना धार्मिक आचारों द्वारा कार्यान्वित हुए दर्शन की स्थिति निष्फल है और बिना दार्शनिक विचारों की ओर से परिपुष्ट हुए धर्म की सत्ता अप्रतिष्ठित है। आत्मदर्शन जैसे भारत में दर्शन का लक्ष्य है, उसी प्रकार वह परम धर्म भी है।
मनु और याज्ञवल्क्य आत्मदर्शन को ही परम धर्म मानते हैं। केवल तर्क से, श्रुतिविहीन कल्पना से, किसी तथ्य का ठीक निर्णय नहीं हो सकता। इसलिए श्रुति का आश्रय सदा आदरणीय है। अपने विश्वविश्रुत अमर ग्रंथ वाक्यपदीय “ में भर्तृहरि ने कहा है। विभिन्न आगमों के दर्शनों के द्वारा प्रज्ञा विवेक को प्राप्त करती है।
अपने ही तर्कों के अनुधावन करने से व्यक्ति किन-किन तत्त्वों का उन्नयन कर सकता है, उसके तर्कों का नियंत्रण तो कहीं होना ही चाहिए, नहीं तो गन्तव्य से वह कहीं दूर भटक जायेगा। इसलिए पुराणों तथा आगमों के बिना तत्-तत् उत्प्रेक्षा करने वालों तथा वृद्धों की उपासना न करने वालों की विद्या कोई बहुत प्रसन्न नहीं होती।
श्रुतिहीन तर्क का कोई प्रामाण्य नहीं होता। यहां वृद्धों से तात्पर्य आप्त जनों और अनुभवी जनों से है। इस मौके पर मिथिलांचल के जाने माने संतों ने श्रीजी महाराज के ज्ञान से लेकर प्रस्थान किए।
यह भी पढ़ें:  Darbhanga Mushroom News: जाले की महिलाओं ने मशरूम से बदली अपनी तकदीर! जानें कैसे कम लागत में हुई बंपर कमाई
- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar NEET News: NEET की 21 जून की परीक्षा: सरकार का बड़ा तोहफा, छात्रों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा!

बिहार सरकार ने नीट परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है। 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। सीएम सम्राट चौधर#BiharNEETNews,#NEETExam,#FreeBusTravel

Patna Monsoon News: पटना में जलजमाव से मिलेगी मुक्ति? मॉनसून से पहले बड़ा फैसला, नालों की सफाई…ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर और डीसिल्टिंग पर फ़ोकस

पटना मॉनसून न्यूज़: पटना में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। नगर आयुक्त ने नालों की सफाई, निर्माण कार्यों और क्षतिग्रस्त मैनहोल का ग#PatnaNews,#MonsoonPreparedness,#DrainageSystem

Darbhanga Crime News: दरभंगा कोर्ट का बड़ा फैसला: हत्या और अपहरण के 12 आरोपियों को नहीं मिली जमानत, हड़कंप!

दरभंगा सिविल कोर्ट ने चार जघन्य आपराधिक मामलों में 12 अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इन मामलों में अपहरण, जानलेवा हमला और हत्या जैसे गंभीर आरोप शामिDarbhangaNews,BiharCrime,CourtOrder

Darbhanga Kisan News: जाले में किसानों ने जाना, ‘मिट्टी परीक्षण- उर्वरकों के सही इस्तेमाल के गुर’, मिला -डिब्लर, नैपसैक स्प्रेयर, धान बीज और मशरूम...

जाले में कृषि विज्ञान केंद्र पर 'खेत बचाओ अभियान' और 'विश्व पर्यावरण दिवस' कार्यक्रम आयोजित हुआ। विधायक डॉ. जीवेश कुमार ने किसानों से धरती बचाने की अपील की, वही#JaleNews,#KisanSamachar,#EnvironmentDay