Kaimur Election News: कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड स्थित अमांव पैक्स चुनाव में कथित अनियमितताओं और निष्पक्षता में कमी के गंभीर आरोपों के बाद बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार ने एक अभूतपूर्व प्रशासनिक कार्रवाई की है। इन गंभीर शिकायतों के मद्देनजर, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह-निर्वाचन पदाधिकारी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इस अचानक हुए फैसले ने न केवल स्थानीय प्रशासन, बल्कि पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा संकेत है।
प्राधिकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या- नि-प्रा०/नि०प० 1-17/2026 (खंड-1) 1550 के तहत यह कड़ा कदम उठाया गया है। प्राथमिक जांच में ही प्राधिकार ने पाया कि बीडीओ ने अपने चुनावी कर्तव्य का निर्वहन करते समय अपेक्षित निष्पक्षता नहीं बरती। इसी कारण उन्हें रामपुर प्रखंड की सहकारी समितियों के चुनाव कार्य से तुरंत अलग कर दिया गया। यह निर्णय बिहार में चुनावी प्रक्रियाओं की शुचिता बनाए रखने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पैक्स चुनाव में अनियमितता के आरोप और कार्रवाई
अमांव पैक्स चुनाव को लेकर कई शिकायतें प्राधिकार तक पहुंची थीं, जिनमें चुनाव प्रक्रिया में धांधली और पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मतदाताओं और अन्य हितधारकों द्वारा निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों की अनदेखी का आरोप लगाया गया था। इन शिकायतों को बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया, क्योंकि पैक्स चुनाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय स्वशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जांच के दौरान, प्राधिकार ने बीडीओ के आचरण और चुनाव प्रबंधन में ऐसी कमियां पाईं, जो निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में उनकी निष्पक्ष भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगाती थीं। एक निर्वाचन पदाधिकारी से यह अपेक्षा की जाती है कि वह बिना किसी पक्षपात के स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराए। इन गंभीर निष्कर्षों के आधार पर ही बीडीओ को तुरंत प्रभाव से उनके पद से हटाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और अखंडता सुनिश्चित की जा सके।
यह प्रशासनिक कार्रवाई उन सभी सरकारी अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो चुनावी कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। यह दर्शाता है कि किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य निर्वाचन प्राधिकार ने इस त्वरित और दृढ़ निर्णय के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के सम्मान और ईमानदारी से पालन को सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया है।
अंचलाधिकारी को मिली नई जिम्मेदारी, बदलेंगे समीकरण
बीडीओ को पद से हटाने के तुरंत बाद, रामपुर के अंचल अधिकारी (सीओ) को सहकारी समितियों के निर्वाचन हेतु नया निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। यह निर्णय न केवल चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक था, बल्कि जनता के बीच विश्वास बहाल करने के लिए भी महत्वपूर्ण था। नए आदेशों में यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि हटाए गए बीडीओ निर्वाचन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों और प्रभार को तत्काल प्रभाव से अंचलाधिकारी को सौंप दें। इस प्रक्रिया का उद्देश्य चुनाव कार्यों में किसी भी प्रकार के गतिरोध से बचना है।
इसके साथ ही, जारी की गई अधिसूचना की एक आधिकारिक प्रति ई-गजट शाखा, वित्त विभाग, बिहार, पटना को भी प्रेषित की गई है। प्राधिकार ने वित्त विभाग से अनुरोध किया है कि इस प्रकाशित अधिसूचना की प्रतियां जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं ताकि यह आधिकारिक रूप से सार्वजनिक हो सके। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना विभिन्न उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचाई गई है। आदेश की प्रतियां अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार; पुलिस महानिदेशक; सामान्य प्रशासन विभाग; सहकारिता विभाग; निबंधक, सहयोग समितियां; प्रमंडलीय आयुक्त; जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी कैमूर; और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक अनुपालन और जानकारी हेतु भेजी गई हैं। यह Bihar Bureaucrat News में पारदर्शिता और जवाबदेही के एक नए युग का प्रतीक है।
निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का संकल्प
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के बाद, अमांव पैक्स के चुनावों के साथ-साथ रामपुर प्रखंड की अन्य सभी पैक्स समितियों के चुनाव भी अब अंचलाधिकारी (सीओ) रामपुर की सीधी और कड़ी निगरानी में ही संपन्न कराए जाएंगे। यह निर्णय चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास पुनः स्थापित करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धांधली की संभावना को पूरी तरह से समाप्त करने के उद्देश्य से लिया गया है।
नए निर्वाचन पदाधिकारी की नियुक्ति से यह दृढ़ उम्मीद है कि सभी आगामी चुनाव प्रक्रियाएं अब और अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी तथा प्रभावी तरीके से आयोजित की जाएंगी। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण मतदाताओं का चुनावी प्रक्रियाओं में विश्वास भी बढ़ेगा। यह कदम यह भी दर्शाता है कि प्रशासन हर कीमत पर चुनाव की शुचिता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







