पटना क्राइम न्यूज़: पटना के मसौढ़ी इलाके में शुक्रवार शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहाँ एक अपहृत युवक को बचाने गई पुलिस टीम पर अपराधियों ने अचानक हमला कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी मोहम्मद हैदर को ढेर कर दिया, जबकि अपहरण किए गए युवक को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
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पुलिस टीम पर हमला और जांबाज कार्रवाई
मसौढ़ी थाना क्षेत्र के मनीचक गांव में पुलिस को शाम करीब 7:30 बजे यह सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश एक युवक को बंधक बनाकर उसकी हत्या करने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त थानाध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस जैसे ही गांव में पहुँची, घात लगाए बैठे अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पुलिस टीम चौंक गई।
जानकारी पटना में अपर थानेदार और ASI को गोली मारने वाला अपराधी एनकाउंटर में ढेर हुआ है। मसौढ़ी में शुक्रवार की शाम किडनैपिंग केस में पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। मसौढ़ी थाना क्षेत्र के मणिचक में पुलिस टीम पर हुई फायरिंग और मुठभेड़ में घायल कुख्यात अपराधी हैदर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथी उसे लेकर विभिन्न अस्पतालों में भटकते रहे, लेकिन अंततः पारस अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पारस अस्पताल पहुंचे। हालांकि उनके पहुंचने से पहले ही हैदर दम तोड़ चुका था, जबकि उसके साथी उसे छोड़कर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, मणिचक में मारपीट और आपराधिक गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची मसौढ़ी थाना की पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से हैदर घायल हो गया था।वहीं अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली से मसौढ़ी थाना के अतिरिक्त थानाध्यक्ष राहुल कुमार तथा एएसआई संजय कुमार घायल हो गए थे। राहुल कुमार के पैर में गोली लगी है, जबकि संजय कुमार के हाथ में गोली लगी। दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस अचानक हुए हमले में अतिरिक्त थानाध्यक्ष राहुल कुमार के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए। वहीं, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) संजय कुमार के हाथ को छूते हुए भी एक गोली निकल गई। पुलिस टीम ने इस हमले का बहादुरी से जवाब दिया और पीछे नहीं हटी। पुलिस की जवाबी फायरिंग के बाद अपराधी घबराकर मौके से भागने लगे। मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी को गोली लग गई।
कुख्यात अपराधी ढेर और ऑनलाइन ठगी का मामला
बाद में गोली लगने वाले अपराधी की पहचान मोहम्मद हैदर के रूप में हुई, जिसका पहले से ही एक लंबा आपराधिक रिकॉर्ड था। पुलिस के अनुसार, हैदर हत्या के एक मामले में जेल जा चुका था और कुछ ही महीने पहले जमानत पर बाहर आया था। इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल युवक की जान बचाई, बल्कि एक कुख्यात अपराधी को भी ढेर कर दिया। यह घटना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले अपराधों की गंभीरता को फिर से उजागर करती है।
अपहरण किए गए युवक ने पुलिस को बताया कि उसे ऑनलाइन शॉपिंग ऐप के जरिए मोबाइल खरीदने और बेचने का आकर्षक प्रस्ताव दिया गया था। इसी बहाने उसे मनीचक गांव बुलाया गया था। युवक के वहाँ पहुँचते ही लगभग छह लोगों ने उसे घेर लिया और जबरन बंधक बना लिया। अपराधियों ने उसके साथ मारपीट की और उससे पैसे छीनने की कोशिश की। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो अपराधी उसकी जान लेने की तैयारी करने लगे।
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पुलिस की मुस्तैदी से बची जान
युवक के अनुसार, इसी गंभीर स्थिति के दौरान पुलिस टीम मौके पर पहुँच गई और पूरी घटना का रुख बदल गया। पुलिस की मुस्तैदी और बहादुरी के कारण युवक की जान बच सकी। पूर्वी पटना के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने इस संबंध में जानकारी दी कि पुलिस को अपहरण और संभावित हत्या की साजिश की सूचना मिली थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने आगे बताया कि इस बिहार पुलिस एनकाउंटर में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
घायल मोहम्मद हैदर को उसके साथी पहले पुनपुन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। वहाँ से उसे पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) और फिर कुछ निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की गहन जाँच कर रही है और फरार आरोपियों तक पहुँचने के लिए तकनीकी और स्थानीय साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।







