Madhubani cyber police थाना की ओर से Madhubani में एक गंभीर मामले में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से उनके एक वीडियो और तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद साइबर थाने की टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था मॉर्फ्ड वीडियो
प्रसारित हो रहे क्लिप में मुख्यमंत्री को एक अज्ञात युवक के पैर छूते हुए दिखाया गया था, जिसे पूरी तरह भ्रामक और मॉर्फ्ड पाया गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पटना स्थित सीसीसू सोशल मीडिया सेल की तरफ से 28 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 13 मिनट पर साइबर थाने के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर यह संदिग्ध डिजिटल सामग्री भेजी गई थी, जिसके बाद मामले की आंतरिक जांच और सत्यापन का काम शुरू हुआ।
इंस्टाग्राम आईडी की पहचान और पुलिस कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सक्रिय एक विशेष यूजर अकाउंट को रडार पर लिया है। साइबर थाने में तैनात महिला अवर निरीक्षक नीरू कुमारी पटेल की लिखित शिकायत के आधार पर आधिकारिक रूप से मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जी सामग्री को सबसे पहले किसने और किस मकसद से अपलोड या शेयर किया था।
मधुबनी साइबर थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री के नाम से वायरल हो रहे छेड़छाड़ किए गए वीडियो मामले में इंस्टाग्राम आईडी को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज की है और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
साइबर सेल के अधिकारी अब इस बात की फॉरेंसिक जांच करवा रहे हैं कि वीडियो को किस सॉफ्टवेयर या तकनीक के जरिए बदला गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की भ्रामक सामग्री फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।







