Muzaffarpur News: बिहार के Muzaffarpur जिले की दो होनहार सगी बहनों ने खेल की दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। हरिसभा चौक की रहने वाली ईशा मिश्रा और अपराजिता मिश्रा ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर वैश्विक मंच पर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इन दोनों बहनों की इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है और खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल है।
जॉर्जिया में लहराया परचम, जीते स्वर्ण और कांस्य पदक
दिवंगत गुरु दिनेश मिश्रा की सुपुत्री अपराजिता मिश्रा ने जॉर्जिया के बाटुमी शहर में आयोजित बाटुमी ओपन इंटरनेशनल वुशू प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक अपने नाम किया। अपराजिता की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। इससे पहले भी उन्होंने पिछले साल आयोजित नेशनल गेम्स में बिहार के लिए पदक का खाता खोला था और एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जिले के लिए पदक जीत चुकी हैं।
बड़ी बहन ईशा मिश्रा भी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा चुकी हैं मान
सिर्फ अपराजिता ही नहीं, बल्कि उनकी बड़ी बहन ईशा मिश्रा भी वुशू खेल में किसी से पीछे नहीं हैं। ईशा मिश्रा भी एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित खिलाड़ी हैं और अपने अब तक के खेल सफर में एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय पदक अपने नाम कर चुकी हैं। दोनों बहनें मिलकर अपने दिवंगत पिता की खेल विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रही हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल पेश कर रही हैं।
अपराजिता मिश्रा ने जॉर्जिया में आयोजित बाटुमी ओपन इंटरनेशनल वुशू प्रतियोगिता में एक स्वर्ण एवं एक कांस्य पदक जीत जिले की पहचान कायम की।
इन दोनों प्रतिभावान बहनों की सफलता यह साबित करती है कि अगर सही दिशा में कठिन परिश्रम किया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बेटियां पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर सकती हैं। आने वाले दिनों में इन खिलाड़ियों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है, जो बिहार की युवा पीढ़ी को खेल की ओर प्रेरित करेगा।







