Muzaffarpur News की प्रशासनिक सख्ती कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है, क्योंकि तमाम चेतावनियों के बावजूद Muzaffarpur के बाजारों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के प्रतिबंध और जिला प्रशासन के सख्त आदेशों के बाद भी छाता बाजार मंडी में अवैध रूप से पटाखों की दुकानें बेखौफ संचालित हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि जिले में एक भी पटाखा विक्रेता के पास वैध लाइसेंस नहीं है, फिर भी खुलेआम कारोबार चल रहा है।
एनजीटी के निर्देशों और प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से जारी निर्देशों के बाद भी धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। छाता बाजार मंडी में रविवार को भी अधिकांश दुकानें पूरी तरह खुली रहीं और नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से पटाखों की बिक्री की जाती रही। स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक टीमों के गठन और छापेमारी के दावों के बीच धरातल पर कोई असर नहीं दिख रहा है, जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
बिना लाइसेंस चल रहा है खतरनाक कारोबार
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में किसी भी व्यापारी को पटाखा बेचने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद थोक और खुदकुशी बाजारों में धड़ल्ले से माल खपाया जा रहा है। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रहे इस अवैध कारोबार से किसी भी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार महकमा अभी भी ठोस कार्रवाई से बचता नजर आ रहा है।
प्रशासन के इन सुस्त रवैये और आदेशों की अनदेखी के बीच अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कड़े कदम उठाते हैं और कब तक अवैध दुकानों पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जा सकेगा।







