Madhubani Land Mafia: बिहार के मधुबनी जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी पोखर की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में मेयर अरुण राय के पुत्र प्रशांत कुमार, नगर निगम के उप मेयर अमानुल्लाह खान और नगर परिषद की पूर्व चेयरमैन रेखा नायक के पति सुनील नायक समेत कुल 47 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से शहर के रसूखदार और दबंग भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
सरकारी पोखर पर अवैध कब्जे का पूरा मामला
यह पूरा मामला मधुबनी के रहिका अंचल अंतर्गत नगर थाना क्षेत्र के तिलक चौक के पास स्थित केंद्रीय पुस्तकालय के पीछे की जमीन से जुड़ा है। यह थाना नम्बर 33, खाता नम्बर 312, खेसरा संख्या 89 पर दर्ज एक सरकारी पोखर है। सी.एस. खतियान में यह भूमि 3 बीघा, 18 कट्ठा और 7 धुर के रकबे में ‘गैर मजरूआ खास’ यानी सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। पिछले 40 वर्षों से इस सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध रूप से निबंधन कराकर अतिक्रमण किया जा रहा था।






सरकारी आदेश के बाद अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में रहिका अंचल के सीओ ने नगर थाना को आवेदन दिया, जिसके आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
FIR में शामिल रसूखदार नाम और धाराएं
प्राथमिकी में मेयर अरुण राय के पुत्र प्रशांत कुमार, उप मेयर अमानुल्लाह खान, पूर्व चेयरमैन रेखा नायक के पति सुनील नायक के अलावा उप मेयर के भाई समीउल्लाह खान, बीरेन्द्र निधि की पत्नी आभा कर्ण, कैलाश कारक, प्रभात कुमार सिंह और सुभाष चंद्र झा सहित कुल 47 लोगों के नाम शामिल हैं। इन सभी पर दिनांक 3/7/26 को मधुबनी नगर थाना में बीएनएस की धारा 318(4), 322, 338, 336(3), 340(2), 329(3), 324(5), 61(2) और 3(5) के तहत कांड संख्या 337/26 दर्ज किया गया है।
मधुबनी के पुलिस कप्तान ने बीते महीने पूर्व पत्रकारों से कहा था, ‘जल्द ही शहर में भूमाफियाओं को जेल जाते हुए लोग देखेंगे।’
इस प्राथमिकी के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जिन रसूखदार, दबंग, सफेदपोश और माफियाओं पर संगठित तरीके से सरकारी तालाब को भरकर, फर्जी कागज बनाकर निबंधन कराने और सरकारी भूमि को बेचने या उस पर मकान, दुकान, कोठी, बंगला, मॉल, हवेली बनाने व बेचने का आरोप है, उनमें अब खलबली मची हुई है।
भू-माफियाओं पर पुलिस का शिकंजा: क्या अब जेल जाएंगे?
इस कार्रवाई से आम लोगों में यह उम्मीद जगी है कि जो शिकायतें पहले थाने में नहीं सुनी जाती थीं, अब जिला प्रशासन के निर्देश पर उन्हीं भू-माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। शहरवासी अब यह देखना चाहते हैं कि क्या जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सरकारी भूमि व सरकारी पोखर को भरकर बेचने वाले भू-माफियाओं की खोज खबर लेगी और उन्हें जेल भेजेगी। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अब भू-माफियाओं के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।








