Madhubani News: मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के तिलक चौक पर सरकारी पोखर की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लगभग 40 वर्षों से इस सरकारी भूमि पर कब्जा जमाए बैठे 47 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से पूरे शहर में हलचल मच गई है, और सोशल मीडिया पर दिनभर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
रहिका अंचल अधिकारी के आवेदन पर 3 जुलाई को नगर थाना में 47 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। यह मामला मौजा चकदह, थाना संख्या-33 के खाता संख्या-312, खेसरा संख्या-89 से संबंधित है। सीएस खतियान में यह भूमि रकबा 3 बीघा 18 कट्ठा 7 धुर के साथ ‘गैरमजरूआ खास’ यानी सरकारी पोखर के रूप में दर्ज है।






मधुबनी में बड़ा एक्शन: 40 साल से सरकारी पोखर पर कब्जा, 47 लोगों पर FIR
Madhubani News: बिहार के मधुबनी में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम क्षेत्र के तिलक चौक स्थित एक सरकारी पोखर की जमीन पर कथित अवैध कब्जे और उसके निबंधन के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। रहिका अंचल अधिकारी के आवेदन पर 3 जुलाई को नगर थाना में 47 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस खबर के सामने आते ही पूरे शहर में हलचल मच गई और सोशल मीडिया पर दिनभर इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मौजा चकदह, थाना संख्या-33 के खाता संख्या-312, खेसरा संख्या-89 पर स्थित 3 बीघा 18 कट्ठा 7 धुर भूमि सीएस खतियान में स्पष्ट रूप से गैरमजरूआ खास यानी सरकारी पोखर के रूप में दर्ज है। आरोप है कि पिछले लगभग 40 वर्षों से इस महत्वपूर्ण सरकारी भूमि का अवैध तरीके से निबंधन कराकर उस पर कब्जा जमाया गया है। इतना ही नहीं, पोखर में लगातार मिट्टी भरकर उसके प्राकृतिक स्वरूप को भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उसके अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।
सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने की मुहिम तेज
रहिका अंचल अधिकारी ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वरीय अधिकारियों के सख्त निर्देश के आलोक में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की व्यापक कार्रवाई शुरू की गई है। इसी कड़ी में, संबंधित 47 लोगों के खिलाफ नगर थाना में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
वर्षों से चला आ रहा था विवाद, अब तेज हुई कार्रवाई
तिलक चौक स्थित खेसरा संख्या-89 को लेकर वर्षों से स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी। स्थानीय निवासियों का आरोप रहा है कि सरकारी पोखर को लगातार मिट्टी से भरकर उसके मूल स्वरूप को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में जिला प्रशासन को समय-समय पर कई आवेदन भी दिए गए थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में गहरी नाराजगी थी। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि प्रशासनिक कार्रवाई में तेजी आएगी और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एफआईआर की जानकारी सार्वजनिक होते ही यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों को सुनने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कही। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।
सरकारी जमीन पर अवैध निबंधन का आरोप
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पिछले चार दशकों से इस सरकारी भूमि का अवैध रूप से निबंधन कराकर उस पर कब्जा किया गया। केवल कब्जा ही नहीं, पोखर में लगातार मिट्टी भरकर उसके मूल स्वरूप को भी बदलने का प्रयास किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पोखर के अस्तित्व को खत्म करने की कोशिशें लगातार जारी थीं।
अंचल अधिकारी ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की गई है। इसी क्रम में संबंधित 47 लोगों के खिलाफ नगर थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
वर्षों से जारी था विवाद, अब कार्रवाई की उम्मीद
तिलक चौक स्थित खेसरा संख्या-89 को लेकर वर्षों से विवाद बना हुआ था। स्थानीय निवासी लगातार जिला प्रशासन को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे थे, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से उनमें नाराजगी थी। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने की उम्मीद जग गई है।
हालांकि, जिन लोगों के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ है, उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। एफआईआर की जानकारी सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से फैली। बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, जबकि कुछ ने निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों को सुनने के बाद ही आगे की कार्रवाई की वकालत की। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।








