
मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे मधेपुरा के जिलाधिकारी की कार ने चार लोगों को कुचल दिया। अब सवाल यही है कि गाड़ी में डीएम थे या नहीं यह अलग मामला है। मगर, हम इसे महज हादसा मान रहे हैं। मानना भी चाहिए। कारण, हादसा कहीं किसी भी वाहन से हो सकता है। मगर, इस हादसे के बाद कई सवाल हैं जिसका जवाब प्रशासन से लेकर (Why was the insurance of the DM whose car caused the accident in Madhubani not paid, a big question?) सरकार को भी देनी होगी?
कारण, घटना के बाद सबसे चौकाने वाली खबर यह है कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ उस कार का इंश्योरेंस और पॉल्यूशन फेल था। वहीं कार पर जिलाधिकारी का नेम प्लेट लगा था और उस कार का निजी गाड़ी के रूप में रजिस्ट्रेशन है।
मगर, बतौर मधुबनी के जिला परिवहन पदाधिकारी शशि शेखरम की मानें तो सरकारी गाड़ी को इंश्योरेंस से छूट दी गई है। सरकारी गाड़ी से दुर्घटना होने पर इसका मुआवजा सरकार देगी। जबकि पॉल्यूशन के लिए ऐसा कुछ गाइडलाइन अभी उनके जानकारी में नहीं है। मगर, सवाल यहीं से उठ रहा है, जिसका जवाब कौन देगा…?
माना,सरकारी गाड़ी को इंश्योरेंस से छूट है तो क्या उसे इंश्योरेंस कराना ही नहीं है कि कराना है। अगर कराना है तो फिर जिस गाड़ी से हादसा हुआ उसके जो दस्तावेज सामने आए हैं उसके मुताबिक, पहली बात यह कि गाड़ी मधेपुरा के नजीर के नाम पर रजिस्टर्ड है। दूसरी बात,गाड़ी का इंश्योरेंस 23 दिसंबर 2019 को और पॉल्यूशन भी 24 सितंबर 2021 को फेल हो गया था। अब ऐसे में, यह किसकी जवाबदेही बनती है कि इसका इंश्योरेंस अपडेट रखा जाए। आइए विस्तार में चलते हैं।
यह सब घटना सूबे के परिवहन मंत्री के इलाके का है। वहीं, इन सब चीजों के लिए मधुबनी के आम लोगों ने पिछले महीने 24 लाख से अधिक जुर्माना भरा है। सोमवार को छठ पूजा खत्म होने के बाद सूबे के परिवहन मंत्री शीला मंडल के इलाके में चार लोगों के लिए एनएच 57 एक बार फिर अभिशाप बन गया।
मंगलवार को जब सुबह सूरज निकला तो करीब 8 बजे मधेपुरा के जिलाधिकारी की कार ने 4 लोगों को कुचल दिया। दुर्घटनाग्रस्त इनोवा गाड़ी का नंबर BR43E 0005 है। जब हमने गाड़ी की पड़ताल की तो पता चला कि गाड़ी मधेपुरा के नजीर के नाम पर रजिस्टर्ड है।
ये इनोवा कैब नही, कार के रूप में रजिस्टर्ड है। साथ ही पड़ताल करने पर पाया गया कि गाड़ी का इंश्योरेंस 23 दिसंबर 2019 को और पॉल्यूशन भी 24 सितंबर 2021 को फेल हो गया था। आम लोगों को इंश्योरेंस पर 2 हजार जबकि पॉल्यूशन पर 10 हजार का जुर्माना देना होता है।
मामले पर बात करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी मधुबनी शशि शेखरम ने कहा कि सरकारी गाड़ी को इंश्योरेंस से छूट दी गई है। सरकारी गाड़ी से दुर्घटना होने पर इसका मुआवजा सरकार देगी। जबकि पॉल्यूशन के लिए ऐसा कुछ गाइडलाइन अभी उनके जानकारी में नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मधुबनी जिलाधिकारी की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर मासिक बैठक की गई थी। इसके अनुसार पिछले करीब 1 महीने में 172 आम लोगों से 24 लाख 14 हजार 700 रुपए जुर्माना वसूला गया था।
बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने, बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने, बिना पेपर के गाड़ी चलाने, बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने, बिना पॉल्यूशन के गाड़ी चलाने, स्पीड लिमिट से अधिक में गाड़ी चलाने, गाड़ी में लोड की अधिकतम सीमा से अधिक लोड करके चलाने मद को मिलाकर ये जुर्माना वसूला गया।
और मामले में सबसे मजेदार बात है कि मंगलवार को सुबह एनएच 57 पर जो दुर्घटना हुई वो सूबे के परिवहन मंत्री शीला मंडल का क्षेत्र है। ऐसे में देखना है कि इस इलाके के साथ जिले में आए दिन होने वाला हादसा और सरकारी पदाधिकारियों की ओर से नियमों का उल्लंघन कर गाड़ी चलाने पर परिवहन मंत्री कब संज्ञान लेंगी।





