
मोतिहारी। समय से पूर्व ही तापमान में अचानक वृद्धि होने के कारण आम के पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना जतायी जा रही है। जिले में लगभग 16 हजार एकड़ में फैले आम के बगीचे से मंजर के झड़ने के बाद आम मे अब दाने आने शुरू हो गये है लेकिन अचानक तापमान में वृद्धि एवं पूरबा हवा के कारण आम पर मधुआ(मैंगो हाॅपर) एवं दहिया (मिली बग)का प्रकोप देखने को मिल रहा है।
कई बागों में आम में आ रहे दाने समय पूर्व झड़ना शुरू हो गये है।इस आशय पर हिन्दुस्थान समाचार से एक खास बातचीत में सहायक निदेशक हार्टिकल्चर अजय कुमार सिंह सहायक निदेशक पौधा संरक्षण डा.सुजीत नाथ मल्लिक एवं उधान पदाधिकारी रंजीत भारद्धाज ने बताया कि इस वर्ष का मौसम आम के फसल के लिए प्रतिकूल है।
ऐसे में किसानों को बढिया पैदावार पाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।आम मे फलों के दाने आने से लेकर फल तोडने तक किसानो को अपने बगीचे के नमी को समान्य रखने के साथ ही समय समय पर रासायनिक दवाइयों का छिड़काव भी आवश्यक रूप से करना चाहिए। उन्होने बताया कि परागण के समय बगीचे में अधिक सिचाई के बजाय हल्की सिंचाई लाभदायक होता है।
साथ ही उन्होने बताया कि फंजिसाइड के रुप में एसीफेट 75एस.पी का 1ग्राम या आक्सीेडेमोथेन 25ई.सी 1 मिलीलीटर या कॉपर ऑक्सिक्लोराइड तीन ग्राम प्रति लीटर तथा इंसेक्टिसाइड के रूप में रोगर एक एमएल प्रति लीटर पानी के मिश्रण को बनाकर स्प्रे करने से काफी लाभदायक साबित हो सकता है।
वहीं ऐसे पेड़ जिसमें मटर के समान आम के दाने निकल चुके हो उसमें नैथलिन एसिटिक एसिड दवा को चार से पांच लीटर पानी में एक एमएल का मिश्रण बनाकर स्प्रे करने से आम का बेहतर पैदावार प्राप्त किया जा सकता है।उन्होने कहा की बढ़ रहे तापमान के कारण प्रारंभिक स्टेज पर अधिक सिचाई या दवाइयों का प्रयोग हानिकारक भी हो सकता है।ऐसे मे उचित परामर्श लेकर जरूरत के मुताबिक ही दवा का प्रयोग करना चाहिए।






