
मुंगेर ड्रोन शो: मुंगेर का पोलो मैदान बीती शाम एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। योग गुरु स्वामी सत्यानंद सरस्वती के मुंगेर पदार्पण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीनिवास कल्याणोत्सवम की पूर्व संध्या पर लेजर और 550 ड्रोन के भव्य प्रदर्शन ने आसमान में मुंगेर की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया। यह अद्भुत नज़ारा शहरवासियों के दिलों में उतर गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आकर्षक लेजर शो से हुई, जिसमें रोशनी की किरणों ने मुंगेर के प्रमुख स्थलों को आकाश पर उकेरा। योग गुरु स्वामी निरंजनानंद सरस्वती, बिहार योगाश्रम, बड़ी दुर्गा महारानी, कष्टहरणी घाट, मुंगेर किला, बड़ा हनुमान मंदिर, मछली तालाब और चंडिका स्थान जैसे प्रतिष्ठित स्थल जब रोशनी में सजीव हुए तो दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए। हर दृश्य के साथ तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।
मुंगेर ड्रोन शो: एक तकनीकी और सांस्कृतिक संगम
लेजर शो के बाद 550 ड्रोन का भव्य प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसने पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। एक साथ उड़ान भरते ड्रोन ने आसमान में मुंगेर के 12 गौरवशाली स्थलों की सजीव आकृतियां उकेरीं। यह पहला अवसर था जब जिले में इस स्तर का तकनीकी और सांस्कृतिक संगम देखने को मिला।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस अनोखे नज़ारे को अपने कैमरों में कैद करने में जुटा दिखा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि यह आयोजन पूरी तैयारी और तय समय पर शुरू हुआ। दर्शकों की सुविधा के लिए बैठने, प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के लिहाज से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पोलो मैदान पहुंचे और इस भव्य आयोजन का आनंद लिया। इस शो ने न सिर्फ मुंगेर की ऐतिहासिक मुंगेर विरासत को नई ऊंचाई दी, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करने का एक नया आयाम भी स्थापित किया।
योग और आध्यात्म का संदेश
मुंगेर ड्रोन शो आरंभ होने से पूर्व योग गुरु स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल आसन नहीं, बल्कि यह विचारों की शुद्धि और चेतना की जागृति है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि यदि सभी लोग योग भाव को दैनिक जीवन में धारण कर लें, तो मुंगेर समूचे विश्व के लिए ज्योति स्तंभ बन सकता है। उन्होंने कहा, ‘उठो, जागो और अपने जीवन को ऊंचा उठाओ और जीवन को योगमय चेतना का केंद्र बनाओ।’ स्वामी जी ने सभी के जीवन में योग की ज्योति प्रज्जवलित रहने की शुभकामना दी।
भगवान बालाजी के दर्शन का विशेष अवसर
छह मई को भगवान श्री तिरुपति बालाजी की उत्सव मूर्ति के दर्शन का विशेष आयोजन किया गया है। श्रद्धालु शाम चार से छह बजे तक पोलो मैदान में दर्शन कर सकेंगे। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम से आए विद्वान आचार्य विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। मुंगेर के लिए यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी मुंगेर विरासत और आस्था को नए अंदाज में दुनिया के सामने रखने का एक गौरवपूर्ण अवसर बन गया है।आस्था, श्रद्धा और भव्यता का संगम योग गुरु स्वामी सत्यानंद सरस्वती के पदार्पण महोत्सव और श्रीनिवास कल्याणोत्सव मंगलवार को आस्था, श्रद्धा और भव्यता के अद्भुत संगम का साक्षी बना। इस अवसर पर उस वक्त राजनीतिक तड़का लग गया, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान योगाश्रम में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां भगवान तिरुपति बालाजी की उत्सव प्रतिमा का दर्शन कर आशीर्वाद लिया तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान योगाश्रम परिसर व आस-पास वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और पूजा-अर्चना के बीच आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय सहित अन्य मौजूद थे। भगवान बालाजी की उत्सव प्रतिमा का दर्शन के बाद मुख्यमंत्री बड़ी बाजार स्थित अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य राजेश जैन के आवास पर पहुंचे, जहां उनके पिता मदन लाल जैन के निधन के बाद मां और स्वजन से मिले और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्व. मदन लाल जैन आरएसएस के पुराने सदस्य थे और उनके अभिभावक तुल्य थे। इस अवसर पर जदयू विधायक नचिकेता मंडल, जिलाध्यक्ष सौरव निधि, भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार पोद्दार, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवींद्र सिंह कल्लू सहित अन्य उपस्थित थे। कुल मिलाकर, इस भव्य आयोजन और विशेष रूप से मुंगेर ड्रोन शो ने मुंगेर की पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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