
मुंगेर न्यूज़: शहर के एक शांत रिहायशी इलाके में बीते पांच सालों से एक ऐसा ‘धुएं का कारोबार’ चल रहा था, जिसकी भनक तक किसी को नहीं थी। घरों के भीतर धड़ल्ले से बन रही थीं नामी कंपनियों की नकली सिगरेटें, जो बाजार में खपकर ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ कर रही थीं। अब इस गोरखधंधे का पर्दाफाश हो चुका है, और इसके पीछे का ‘मास्टरमाइंड’ पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
सोमवार रात मुंगेर पुलिस ने पूरबसराय थाना क्षेत्र के काली तजिया वार्ड संख्या 24 में एक ऐसी ही मिनी सिगरेट फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मोहम्मद हयात खां के घर में चल रही इस फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेटों का उत्पादन, पैकिंग और फिर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में उनकी सप्लाई का पूरा नेटवर्क सक्रिय था। यह पूरा खेल पांच सालों से बेरोकटोक चल रहा था, जिससे कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था और सरकार को राजस्व का चूना लग रहा था।
फर्जीवाड़े का पर्दाफाश
इस नकली सिगरेट फैक्ट्री का खुलासा तब हुआ जब आईटीसी (ITC) कंपनी को मुंगेर से जुड़े इस ‘कनेक्शन’ की भनक लगी। कंपनी के लीगल मैनेजर शिवा ने विभिन्न जिलों से सिगरेट के सैंपल इकट्ठे करवाए और उनकी लैब में जांच कराई। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि बाजार में बिक रही बड़ी संख्या में सिगरेट नकली हैं और उनका सीधा संबंध मुंगेर से है। कंपनी ने तत्काल इस जानकारी को मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद तक पहुंचाया, जिसके बाद पुलिस ने गुप्त निगरानी शुरू कर दी।
छापेमारी और लाखों की बरामदगी
सूचना पुख्ता होने के बाद, सदर एस०डी०पी०ओ० अभिषेक आनंद, प्रशिक्षु डी०एस०पी० अभिषेक चौबे और मिथिलेश तिवारी के नेतृत्व में कई थानों की एक संयुक्त टीम ने मोहम्मद हयात खां के घर पर छापा मारा। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही मुख्य आरोपी हयात खां फरार हो गया। पुलिस ने जब उसकी पत्नी से पूछताछ की, तो उसने बताया कि आशंका के चलते उसने भारी मात्रा में तैयार माल और मशीनें पड़ोस के घर में छिपा दी थीं। इसके बाद, पुलिस टीम ने पड़ोसी के घर पर भी दबिश दी, जहां से भारी मात्रा में नकली सिगरेट और उन्हें बनाने व पैक करने का सामान बरामद हुआ।
बरामद किए गए सामान में शामिल हैं:
- 3 लाख 12 हजार पीस छोटे गोल्ड फ्लैक सिगरेट
- 10 हजार पीस बड़े गोल्ड फ्लैक सिगरेट
- विभिन्न ब्रांडों के नकली सिगरेट कवर
- आईटीसी लिमिटेड के 11 हजार 600 नकली स्टीकर और पैकेजिंग सामग्री
- सिगरेट की पैकिंग और सीलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनें
- अन्य पैकिंग सामग्री
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए इन नकली उत्पादों और मशीनों की अनुमानित कीमत 40 से 50 लाख रुपये के बीच आंकी गई है।
धंधे का तरीका और कानूनी कार्रवाई
पुलिस जांच में नकली सिगरेट बनाने वालों के धंधे के तरीके भी सामने आए हैं। मोहम्मद हयात खां दुकानदारों को नकली सिगरेट के प्रति पैकेट सिर्फ 30-35 रुपये में सप्लाई करता था, जबकि असली सिगरेट कहीं अधिक महंगी होती है। ग्राहकों को भ्रमित करने और पहचान से बचने के लिए, वह एक ही ब्रांड के चार अलग-अलग वर्जन तैयार करता था।
इस मामले में आईटीसी (ITC) के शाकिर अली द्वारा मुंगेर पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी मोहम्मद अमीषा फिरोज को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस पूरे गोरखधंधे का मुख्य आरोपी मोहम्मद हयात खां अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।







