
Bihar Border Security: बिहार के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है. राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए वीरपुर का विशेष दौरा किया. इस हाई-प्रोफाइल दौरे से सीमाई इलाकों की रणनीतिक अहमियत और सरकार की गंभीरता साफ झलकती है.
राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार आज वीरपुर के विशेष दौरे पर पहुंचे. हेलीकॉप्टर से हुए उनके आगमन पर स्थानीय प्रशासन ने भव्य स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना और जिले में चल रहे महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति देना था. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मीडिया को भी बैठक से दूर रखा गया ताकि गोपनीयता बनी रहे.
मुख्य सचिव और डीजीपी का वीरपुर आगमन और Bihar Border Security
वीरपुर पहुंचते ही मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सीधे फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का रुख किया. यहां एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कोसी आयुक्त राजेश कुमार, सुपौल के डीएम सावन कुमार, एसपी सरथ आरएस और एसएसबी के डीआईजी मधुकर अमिताभ सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. सूत्रों के अनुसार, बैठक में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई. इसके साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास, क्षेत्रीय प्रगति और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी रणनीतिक मंथन किया गया. मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
उच्च स्तरीय बैठक: सीमा सुरक्षा और विकास पर मंथन
सुपौल के डीएम सावन कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य सचिव ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं. उन्होंने फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का निर्माण कार्य और वीरपुर हवाई अड्डा के विकास कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का आदेश दिया.
विकास कार्यों और बाढ़ नियंत्रण पर महत्वपूर्ण निर्देश
इसके अलावा, कोसी क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए बाढ़ नियंत्रण की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की गई, ताकि भविष्य की आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके. जिले में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई. यह दौरा केवल सुरक्षा समीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में Bihar Border Security को मजबूत करने और स्थानीय विकास को गति देने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है. बैठक के समापन के बाद, मुख्य सचिव और डीजीपी हेलीकॉप्टर से पटना के लिए वापस रवाना हो गए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







