spot_img

Muzaffarpur News 🗞। पहले चटाया नीतीश लालू को धूल, अब शपथ, मैं हूं बिहार विधान परिषद सदस्य, नाम है बंशीधर बृजवासी

spot_img
- Advertisement -

मुजफ्फरपुर/दीपक कुमार। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले बंशीधर बृजवासी ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह विधान परिषद में आयोजित किया गया।

- Advertisement -

चुनाव परिणाम में बड़ा उलटफेर

  • बंशीधर बृजवासी को 23,003 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे जनसुराज के विनायक गौतम ने 10,195 वोट हासिल किए।
  • राजद के उम्मीदवार तीसरे और जदयू के अभिषेक झा चौथे स्थान पर रहे।
  • यह सीट जदयू के देवेश चंद्र ठाकुर के लोकसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई थी।
  • दशकों से जदयू के कब्जे वाली इस सीट पर इस बार निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर बृजवासी ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया।

बंशीधर बृजवासी: एक शिक्षक नेता की सफलता की कहानी

  1. सस्पेंशन से संघर्ष तक:
    • शिक्षा विभाग के तत्कालीन एसीएस केके पाठक के आदेशों का विरोध करने पर बंशीधर बृजवासी को सस्पेंड कर दिया गया था।
    • शिक्षकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की वजह से उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।
  2. निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकना:
    • नौकरी जाने के बाद बंशीधर बृजवासी ने शिक्षकों का समर्थन जुटाकर तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा।
    • उनका संघर्ष और शिक्षकों के समर्थन ने उन्हें विजय दिलाई।
यह भी पढ़ें:  मुजफ्फरपुर में मॉड्यूलर फर्नीचर से मिलेगी रफ्तार ! 14.74 करोड़ से लगेगी फर्नीचर फैक्ट्री

शिक्षकों का गुस्सा और जीत की वजह

  • केके पाठक के आदेश:
    • उनके कई आदेशों ने शिक्षकों को परेशान किया, जिससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ी।
    • यह नाराजगी बंशीधर बृजवासी की जीत के लिए बड़ा कारक बनी।
  • शिक्षा विभाग में बदलाव:
    • शिक्षकों के विरोध के बाद केके पाठक को शिक्षा विभाग से हटाकर एस. सिद्धार्थ को नया एसीएस बनाया गया।
यह भी पढ़ें:  मुजफ्फरपुर में मॉड्यूलर फर्नीचर से मिलेगी रफ्तार ! 14.74 करोड़ से लगेगी फर्नीचर फैक्ट्री

संदेश सरकार को

शिक्षकों ने बंशीधर बृजवासी को जिताकर नीतीश सरकार को सख्त संदेश दिया है कि शिक्षा क्षेत्र में उनकी अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। यह जीत शिक्षकों की एकजुटता और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष की जीत मानी जा रही है।

- Advertisement -

निष्कर्ष

बंशीधर बृजवासी की यह जीत न केवल व्यक्तिगत संघर्ष की मिसाल है, बल्कि बिहार के शिक्षकों के गुस्से का परिणाम भी है। उनकी जीत ने सत्ता पक्ष को यह चेतावनी दी है कि जनता और शिक्षकों के मुद्दों को नजरअंदाज करने की कीमत चुकानी पड़ेगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

अरे कमाता तो कुत्ता भी है…! ‘कुत्ता’ के बयान पर मचा बवाल!

Bihar Politics: बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने राजगीर में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर हमला बोलते हुए विवादित टिप्पणी की। उन्होंने 'कुत्ता' शब्द का इस्तेमाल किया और#BiharPolitics,#DilipJaiswal,#ControversialStatement

दरभंगा में खूनी संघर्ष: हत्या-गोलीकांड के बाद नाले से मिली पिस्तौल, ASI की जान बची

Darbhanga Crime: दरभंगा के ओझौल गांव में हुए गोलीकांड और हत्या मामले में पुलिस ने नाले से एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किया है। सहायक दरोगा मोहम्मद मोबीन का सफल ऑपरेशन हुआ,#DarbhangaCrime,#BiharPolice,#OjhaulVillage

दरभंगा में सिर्फ पानी की बोतल के लिए हत्या! बेनीपुर में खूनी वारदात, पुलिस ने दबोचा मुख्य हत्यारा

Benipur Crime: बेनीपुर के मोतीपुर गांव में पानी की बोतल के पैसे को लेकर हुए विवाद में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रमोद साहु को गिरफ्तार कर#BenipurCrime,#BiharPolice,#MotipurMurder

दरभंगा वालों ध्यान दें! 1 जुलाई को सुबह-सुबह गुल रहेगी बिजली, 17 इलाके प्रभावित, देखें लिस्ट

Darbhanga News: दरभंगा के निवासियों के लिए जरूरी खबर! 01 जुलाई, 2026 को लक्ष्मीसागर उपकेंद्र से जुड़े 17 इलाकों में सुबह 7:30 बजे से 10:00 बजे तक बिजली नहीं आएगी।#DarbhangaNews,#BiharPowerCut,#Laxmisagar