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‘67 लाख…’ Muzaffarpur में बड़ा Cyber Fraud…रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 67 लाख की ठगी, पढ़िए पिता-पुत्र की मायाजाल में कैसे फंस गए मैनेजर साहब

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Cyber Fraud: बिहार में साइबर अपराधियों का दुस्साहस अब चरम पर है। मुजफ्फरपुर में एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 67 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया है, जिसने राज्यभर में सनसनी फैला दी है। इस बड़े खेल का पर्दाफाश करते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने पटना से दो आरोपियों को धर दबोचा है।

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मुजफ्फरपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर महेश गामी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के झांसे में लेकर शातिरों ने 67 लाख रुपये ठग लिए। इस बड़ी ठगी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजीव नगर थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी प्रियरंजन शर्मा और उनके बेटे अनंत अभिषेक के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि ये दोनों ही साइबर अपराधियों के साथ मिलकर ठगी के इस बड़े नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

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साइबर फ्रॉड का नेटवर्क: पिता-पुत्र ऐसे करते थे काम

इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने पटना स्थित आरोपियों के घर छापेमारी की। वहां से विभिन्न बैंकों के एक दर्जन से अधिक चेकबुक, मोहर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए, जिससे एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी प्रियरंजन शर्मा एक एनजीओ चलाता है, जिसके बहाने उसने कई बैंकों में दो दर्जन से अधिक बैंक खाते खोल रखे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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किराए पर देते थे बैंक खाते: मिलता था मोटा कमीशन

पुलिस के मुताबिक, पिता-पुत्र की यह जोड़ी अपने इन बैंक खातों को साइबर अपराधियों को किराए पर देती थी। इसके एवज में उन्हें ठगी की रकम का करीब 3 प्रतिशत कमीशन मिलता था। ठगी की गई रकम को इन्हीं खातों के जरिए अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर किया जाता था, ताकि पुलिस के लिए उसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाए। इन बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसे को छुपाने और स्थानांतरित करने के लिए होता था।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की तलाश

जांच में यह भी पता चला है कि सेवानिवृत्त मैनेजर से ठगी गई 67 लाख रुपये की रकम में से 25 लाख रुपये सीधे प्रियरंजन शर्मा के खाते में स्थानांतरित किए गए थे। बाकी बची 42 लाख रुपये की बड़ी राशि जयपुर के एक अन्य बैंक खाते में भेजी गई थी। इस पूरे ऑपरेशन को साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। पुलिस अब इस विशाल ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और मुजफ्फरपुर में हुए इस Cyber Fraud की गहन जांच जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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