
Muzaffarpur Junction Fire: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर लगातार हो रही आग की घटनाओं ने रेलवे प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बीते कुछ दिनों में दो बार आग लगने से जहां सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं, वहीं अब जंक्शन को पूरी तरह से फायर प्रूफ बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों की एक हाई-लेवल बैठक में इस पर गहन मंथन हुआ है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लगातार आग लगने की घटनाएं
दरअसल, बीते कुछ दिनों में मुजफ्फरपुर जंक्शन पर आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसने रेलवे की चिंता बढ़ा दी है। सबसे पहले बुधवार को एक कोच में आग लगने की खबर आई थी। इसके बाद, गुरुवार को नए फुटओवर ब्रिज के नीचे बने टीवी रूम में अचानक आग लग गई। हालांकि, रेलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों ही घटनाओं पर तुरंत काबू पा लिया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बाद समस्तीपुर मंडल के एडीआरएम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आग लगने के कारणों की गहन जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इन घटनाओं ने जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है, जिससे यात्रियों और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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Muzaffarpur Junction Fire: अब रेलवे का ‘फायर प्रूफ’ प्लान
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बाद, रेलवे प्रशासन अब इसे पूरी तरह से फायर प्रूफ बनाने की तैयारी में है। शुक्रवार को एरिया मैनेजर, कैरिज एंड वैगन विभाग के हेड सीडीओ समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की एक मैराथन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आग जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई। अधिकारियों ने बिजली की वायरिंग, उपकरणों के रखरखाव और आपातकालीन अग्निशमन व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। रेलवे का लक्ष्य है कि भविष्य में मुजफ्फरपुर जंक्शन पर आग लगने की कोई घटना न हो।
जांच और आगामी रणनीति
इन घटनाओं की जांच के लिए गठित टीम कारणों का पता लगा रही है। प्रारंभिक जांच में वायरिंग या शॉर्ट सर्किट जैसी वजहों की संभावना जताई जा रही है। रेलवे अधिकारी इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। आगामी रणनीति में पुराने तारों को बदलना, आधुनिक अग्निशमन उपकरण स्थापित करना और कर्मचारियों को आग बुझाने का विशेष प्रशिक्षण देना शामिल है। इन कदमों से जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा, ताकि भविष्य में ऐसी Muzaffarpur Junction Fire जैसी घटनाएं न हों। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







