
Bakarganj Thakurbari: पटना के बाकरगंज स्थित प्रसिद्ध भीखमदास ठाकुरबाड़ी में अब दबंगों की नहीं चलेगी। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने बड़ा कदम उठाते हुए मंदिर के दोनों महंतों को पद से हटा दिया है। वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है और अब पटना के जिलाधिकारी को मंदिर की पूरी व्यवस्था सौंप दी गई है।
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Bakarganj Thakurbari पर क्यों गिरी गाज? महंतों पर लगे गंभीर आरोप
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने बाकरगंज स्थित भीखमदास ठाकुरबाड़ी के मंदिर प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ी और निष्क्रियता के आरोपों के बाद महंत जय नारायण दास और विमल दास को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने यह आदेश जारी करते हुए बताया कि इन महंतों पर वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने जैसे गंभीर आरोप थे। जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर की जमीन की बिक्री गलत प्रक्रिया से की गई और दुकानों से मिलने वाले किराए व अन्य आय का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया। इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।
अब DM के हाथों में मंदिर की बागडोर
महंतों को हटाए जाने के बाद, पटना के जिलाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी बनाया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मंदिर से जुड़े सभी प्रशासनिक और वित्तीय कार्य अब जिलाधिकारी के नियंत्रण में रहेंगे। उन्हें तत्काल मंदिर प्रबंधन व्यवस्था अपने हाथ में लेने और बैंक खाते का संचालन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, पूजा-पाठ, राग-भोग और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। धार्मिक न्यास पर्षद ने हटाए गए दोनों महंतों को भी इस फैसले की सूचना दे दी है और जिलाधिकारी को जल्द नई न्यास समिति के गठन के लिए नामों का प्रस्ताव भेजने को कहा है।
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मंदिर की विशाल संपत्ति पर थी गड़बड़ी की नजर
बताया जाता है कि इस ठाकुरबाड़ी के अधीन बाकरगंज में सैकड़ों दुकानें हैं, जिनसे हर महीने लाखों रुपये का किराया आता है। इसके अलावा, पटना के कई इलाकों में मंदिर की कीमती जमीन भी मौजूद है। धार्मिक न्यास पर्षद ने साफ किया है कि राज्य के सभी मंदिरों की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सीधी कार्रवाई होगी। जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। इस फैसले के बाद स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों में खुशी की लहर है। कई व्यापारियों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और कहा कि Bakarganj Thakurbari अब दबंगों के कब्जे से मुक्त हो गया है।
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