Bihar Agriculture Scheme: बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूरे राज्य में 305 भंडारण गोदामों और 400 कंक्रीट खलिहानों के निर्माण के लिए 24 करोड़ रुपये की कृषि अवसंरचना योजना को मंजूरी मिली है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस पहल की घोषणा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत यह कदम उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को सुरक्षित भंडारण सुविधाएँ प्रदान करना और उनकी उपज के लिए बेहतर विपणन अवसर सुनिश्चित करना है।
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बेहतर भंडारण से किसानों को मिलेगा उपज का उचित दाम
कृषि मंत्री सिन्हा ने स्पष्ट किया कि गोदाम निर्माण कार्यक्रम का लक्ष्य कृषि-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह किसानों को कटाई के तुरंत बाद कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी से भी बचाएगा। मंत्री के अनुसार, भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण कई किसान अपनी उपज कम कीमतों पर बेचने को मजबूर हो जाते हैं। प्रस्तावित गोदाम उन्हें अपनी फसलों को सुरक्षित रूप से स्टोर करने और बाजार की अनुकूल परिस्थितियों में बेचने का अवसर देंगे, जिससे उन्हें बेहतर रिटर्न मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस पहल से बिचौलियों पर किसानों की निर्भरता कम होगी और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा फल मिल पाएगा।
तकनीकी स्वीकृति और परियोजना विवरण
पटना स्थित बिहार राज्य भंडारण निगम ने 100 मीट्रिक टन और 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के लिए तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम की निर्माण लागत 14.191 लाख रुपये प्रति इकाई तय की गई है, जबकि 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम के लिए यह लागत 20.249 लाख रुपये प्रति इकाई होगी। इस योजना के तहत, बिहार भर में 100 मीट्रिक टन क्षमता के 88 गोदाम और 200 मीट्रिक टन क्षमता के 217 गोदाम बनाए जाएंगे।
योजना में 400 कंक्रीट खलिहानों का निर्माण भी शामिल है, जिसका उद्देश्य कटाई के बाद के नुकसान को कम करना और फसल की गुणवत्ता में सुधार करना है। मंत्री सिन्हा ने बताया कि किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुखाने के लिए स्वच्छ और विश्वसनीय स्थानों की आवश्यकता होती है। ये खलिहान उपज की गुणवत्ता बनाए रखने, संदूषण को कम करने और बाजार मूल्य में सुधार करने में सहायक होंगे। कृषि निदेशालय, बिहार के संयुक्त निदेशक (कृषि इंजीनियरिंग)-सह-राज्य नोडल अधिकारी (यांत्रिकीकरण) ने खलिहानों के लिए तकनीकी स्वीकृति प्रदान की है, जिसकी प्रति इकाई लागत 1.292 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर
कृषि विभाग का अनुमान है कि इस परियोजना से निर्माण चरण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार उत्पन्न होगा। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, 88 छोटे गोदामों के निर्माण से 96,536 मानव-दिवस का रोजगार मिलेगा, जबकि 217 बड़े गोदामों से 339,388 मानव-दिवस का रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, 400 कंक्रीट खलिहानों के निर्माण से 12,000 मानव-दिवस का रोजगार मिलने का अनुमान है। कुल मिलाकर, इस योजना से राज्य भर में 447,924 मानव-दिवस का रोजगार सृजित होने की संभावना है।
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कृषि मंत्री सिन्हा ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उपज प्रबंधन में सुधार करने और अवसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और बिहार में अधिक लाभदायक तथा टिकाऊ कृषि क्षेत्र सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। आने वाले समय में इस योजना का सीधा लाभ हजारों किसानों को मिलेगा।







