Bihar Education Minister: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य में कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती हिंसक झड़पों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शैक्षणिक केंद्रों में इस तरह की मारपीट और विवाद जारी रहे तो सरकार सभी निजी कोचिंग संस्थानों को बंद करने जैसा बड़ा फैसला ले सकती है। मुख्यमंत्री के सीधे निर्देश पर पुलिस प्रशासन पटना के खान सर और रौशन आनंद कोचिंग विवाद सहित अन्य घटनाओं की गहराई से जांच कर रहा है। सरकार इस पूरी स्थिति को अपनी छवि खराब करने की एक सोची-समझी साजिश मान रही है। इस गंभीर समस्या को नियंत्रित करने के लिए शिक्षा विभाग जल्द ही एक नई और बेहद सख्त नियमावली लागू करने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में शिक्षा के इन मंदिरों को अखाड़ा बनने से रोका जा सके।
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कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने मंगलवार को सारण जिले के मुख्यालय छपरा में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक लंबी समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्य रूप से कोचिंग संस्थानों की मनमानी और उनके बीच चल रही व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता को रोकने के उपायों पर गहन चर्चा हुई। बैठक के तुरंत बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने साफ किया कि कोचिंग संस्थान केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए हैं। वहां किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या दंगल को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी लोग इस पूरे उपद्रव के पीछे पाए जाएंगे, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें कानून के तहत सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
खान सर विवाद और प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में बीते 2 जून को मशहूर शिक्षक खान सर की कोचिंग पर दर्जनों असामाजिक तत्वों ने धावा बोलकर भारी तोड़फोड़ की थी। इस हिंसक हमले में संस्थान का एक सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था। खान सर की शिकायत पर कदमकुआं थाने में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया गया था। पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रौशन आनंद को गिरफ्तार कर बेउर जेल भेज दिया था, जिसके बाद से ही दो बड़े कोचिंग गुटों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था। यह कानूनी लड़ाई उस वक्त एक बेहद सनसनीखेज मोड़ पर आ गई जब मामले का दूसरा नामजद आरोपी, प्रिंस यादव, गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया। रविवार को नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के कमरे में प्रिंस की लाश बेहद संदिग्ध हालत में मिली। इस खबर के भारत पहुंचते ही जेल में बंद रौशन आनंद के परिवार ने सीधे तौर पर खान सर पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। इस नए घटनाक्रम ने पूरे बिहार की राजनीति और प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया है।
नई गाइडलाइन से बदलेगी कोचिंग की सूरत
शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने अपने बयान में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि कुछ लोग इस पूरे विवाद को जानबूझकर बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी किसी भी कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर देगी। विभाग के नए नियमों के तहत अब हर कोचिंग संस्थान के लिए पुलिस वेरिफिकेशन, सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता और सुरक्षा गार्डों के हथियारों की नियमित जांच को बेहद जरूरी बनाया जा रहा है। यदि कोई भी संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसका रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा के माहौल में शांति और सुरक्षा बनी रहे, ताकि छात्र बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
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इन कड़े कदमों का उद्देश्य बिहार में कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ और हिंसा-मुक्त बनाना है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि सरकार की यह नई नियमावली कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या इससे राज्य के शैक्षणिक माहौल में सकारात्मक बदलाव आ पाता है।





