Bihar Road Accident: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को अब बड़ी राहत मिलने वाली है। पीएम-राहत योजना के तहत, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब सड़क हादसों में घायल लोगों को अक्सर महंगे इलाज के कारण वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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क्या है पीएम-राहत योजना?
परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीएम-राहत योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत, दुर्घटना के बाद के पहले सात दिनों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करती है। यह सुविधा केवल आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत पंजीकृत अस्पतालों में ही उपलब्ध है।
अहसन ने स्पष्ट किया कि पीड़ित को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर निर्दिष्ट अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य है, तभी वह इस योजना का लाभ उठा पाएगा। अस्पताल प्रबंधन को रोगी का विवरण ऑनलाइन ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) पर अपलोड करना होता है। इसके बाद, पुलिस सत्यापन और अन्य अनुमोदन प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं, जिसके बाद उपचार का लाभ मिलना शुरू हो जाता है।
गोल्डन आवर में जीवन बचाना प्राथमिकता
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य ‘गोल्डन आवर’ के दौरान गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करके जीवन बचाना है। गोल्डन आवर दुर्घटना के तुरंत बाद की वह महत्वपूर्ण अवधि होती है, जब त्वरित उपचार से जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अब तक, इस योजना के तहत 87 मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है, जिनमें से 60 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को सफलतापूर्वक मुफ्त इलाज मिल चुका है।
परिवहन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे दुर्घटना पीड़ितों को बिना किसी देरी के नजदीकी निर्दिष्ट अस्पताल पहुंचाएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उन्हें उपचार के खर्च की चिंता किए बिना तत्काल चिकित्सा देखभाल मिल सके। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल राज्य भर में आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करेगी और सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेगी।
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यह योजना बिहार में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में, यह उम्मीद की जा रही है कि अधिक से अधिक दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा पाएंगे, जिससे न केवल उनकी जान बचेगी बल्कि उनके परिवारों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी कम होगा।







