
Bird Flu: बिहार में एक नई आफत ने दस्तक दे दी है, जिसने किसानों और प्रशासन दोनों की नींद उड़ा दी है। बरारी क्षेत्र में रहस्यमयी तरीके से मुर्गियों की मौत हो रही थी, और अब भोपाल की लैब रिपोर्ट ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) की जांच में H5N1 बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है, जिसकी खबर ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
H5N1 Bird Flu की पुष्टि और प्रशासन का एक्शन
बरारी क्षेत्र के क्षेत्रीय कुक्कुट पालन केंद्र में पिछले दो सप्ताह से मुर्गियों की लगातार हो रही रहस्यमयी मौतें अब H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि के साथ समाप्त हुई हैं। यह वही घातक स्ट्रेन है जो पहले भी देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचा चुका है। अब तक लगभग 3000 मुर्गियों की मौत हो चुकी है और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। संक्रमण के तीव्र प्रसार को देखते हुए, जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे बरारी क्षेत्र को ‘रेड जोन’ घोषित कर दिया है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। स्थानीय पोल्ट्री फार्म मालिकों और किसानों में भारी घबराहट का माहौल है। वे अपनी मुर्गियों को बचाने के लिए दवाइयों और वैक्सीन की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और आसपास के लोगों की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी गई है। यह एक गंभीर स्थिति है जिस पर प्रशासन पूरी तरह से निगरानी रख रहा है।
इंसानों के लिए खतरा और बचाव के उपाय
H5N1 वायरस सिर्फ मुर्गियों के लिए ही नहीं, बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। यह वायरस सीधे तौर पर पक्षियों से इंसानों में फैल सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बिना किसी ठोस कारण के मुर्गियों या अन्य जंगली पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, अधपका चिकन या अंडे खाने से बचें और किसी भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस चुनौती से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और लोगों से सहयोग की अपील की गई है।







