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Bihar Cabinet Expansion: बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज, जानिए किसे मिलेगा मौका और क्यों चर्चा में हैं निशांत कुमार?

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Bihar Cabinet Expansion: बिहार की सियासत में मई का पहला हफ्ता बेहद गहमागहमी भरा रहने वाला है। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम तैयारियां जोरों पर हैं। सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि 4 से 10 मई के बीच कभी भी नए मंत्रियों के नामों का ऐलान हो सकता है, जिससे राजनीतिक उत्सुकता बढ़ गई है।

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जानकारी के मुताबिक, कुल 36 मंत्री पदों में से भाजपा और जदयू को 16-16 पद मिलने की संभावना है। वहीं, सहयोगी दलों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। चिराग पासवान की पार्टी को दो मंत्री पद मिल सकते हैं, जबकि जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों को एक-एक मंत्री पद दिए जाने पर सहमति बनती दिख रही है। यह Bihar Cabinet Expansion राज्य में एक नई राजनीतिक तस्वीर पेश करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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Bihar Cabinet Expansion: निशांत कुमार ने क्यों ठुकराया मंत्री पद?

इसी बीच, जदयू से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी के युवा नेता निशांत कुमार ने फिलहाल सरकार में कोई जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद या किसी संगठनात्मक पद को स्वीकार करने से इनकार किया है। हाल ही में जारी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं है, जिससे यह साफ होता है कि उन्होंने खुद को अभी इन जिम्मेदारियों से दूर रखा है। सूत्रों का कहना है कि निशांत कुमार का मानना है कि किसी बड़ी भूमिका में आने से पहले उन्हें और तैयारी करने की जरूरत है।

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अब निशांत कुमार राज्य में सक्रिय होने की तैयारी में हैं। वे 3 मई से बिहार के दौरे पर निकलेंगे। यह यात्रा पश्चिमी चंपारण से शुरू होगी और तीन से चार महीने तक चल सकती है। इस दौरान वे पूरे राज्य में संगठन की स्थिति को करीब से समझेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह दौरा उनकी राजनीतिक समझ और पकड़ को मजबूत करने में सहायक होगा।

क्या विधान परिषद के जरिए सियासत में एंट्री लेंगे निशांत कुमार?

सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में वे विधान परिषद के सदस्य बन सकते हैं। जून महीने में उनके विधान परिषद सदस्य बनने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद ही वे तय करेंगे कि वे सरकार में कोई भूमिका निभाएंगे या संगठन में सक्रिय रहेंगे। इस यात्रा की खासियत यह है कि निशांत कुमार किसी बड़े पदाधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर लोगों के बीच जाएंगे। वे पंचायत से लेकर जिला स्तर तक पार्टी पदाधिकारियों से मिलेंगे और जमीनी हालात जानने पर उनका पूरा फोकस रहेगा।

यात्रा के दौरान वे पुराने और वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और उनसे मार्गदर्शन लेंगे। साथ ही, वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम को संगठन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जो जदयू की जमीनी पकड़ को और मजबूत कर सकता है।

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