
Bihar Politics: बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद सियासत गरम है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सदन में करारा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के संबंधों पर भी बड़ी बात कह दी।
बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सफलतापूर्वक विश्वास मत हासिल कर लिया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद से एनडीए खेमे में जश्न का माहौल है। विश्वास मत पर बहस के दौरान, सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इसी बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार के सहयोग के बिना लालू प्रसाद कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार ही थे जिन्होंने लालू यादव को सत्ता के शिखर पर पहुँचाया।
बिहार पॉलिटिक्स में तेजस्वी का तंज
विधानसभा में बहस के दौरान, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नई सरकार पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा ने चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री का चेहरा तय कर लिया होता, तो आज इस विश्वास मत की नौबत ही नहीं आती। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी टिप्पणी की थी, जिसके बाद सीएम सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद का जिक्र करते हुए उन्हें जोरदार जवाब दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह घटनाक्रम बिहार के सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।
सीएम सम्राट चौधरी का करारा जवाब
तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘सत्ता किसी की बपौती नहीं होती है। मैं यहां सबके आशीर्वाद और जनता के जनादेश से बैठा हूँ।’ उन्होंने लालू प्रसाद पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि लालू जी ने उनके परिवार के 22 सदस्यों को जेल में डाल दिया था। सम्राट चौधरी ने यह भी याद दिलाया कि लालू प्रसाद ने मिलर हाई स्कूल के मैदान में अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्षमा भी मांगी थी। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि लालू प्रसाद को भी नीतीश कुमार ने ही मुख्यमंत्री बनाया था। उन्होंने लोकतंत्र की दुहाई देते हुए कहा कि यहां कोई किसी की पाठशाला का नहीं होता।
आर्थिक स्थिति और विशेष राज्य के दर्जे की मांग
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि बिहार आज भी देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी खजाना ही खाली रहेगा, तो विकास कार्यों को गति कैसे मिलेगी? तेजस्वी यादव ने सरकार से आर्थिक मोर्चे पर ठोस कदम उठाने की मांग की और दावा किया कि लालू प्रसाद के शासनकाल में वित्तीय प्रबंधन बेहतर था। अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी यादव ने नई सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भले ही विपक्ष का संख्या बल कम हो, लेकिन संवाद आवश्यक है और सरकार को विपक्ष को साथ लेकर चलना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने महिला आरक्षण में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को शामिल करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, बिहार पॉलिटिक्स के भविष्य को देखते हुए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे सभी दलों के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलवाएं, ताकि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







