Bihar Cybercrime: साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और बैंक धोखाधड़ी जैसे बढ़ते मामलों पर लगाम कसने के लिए पटना जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने इन गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए कई कड़े फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर अब सिम खरीदने वाले ग्राहकों और विक्रेताओं पर पड़ेगा। शनिवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इन नए नियमों की घोषणा की गई।
सिम विक्रेताओं पर रहेगी प्रशासन की पैनी नजर
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने समाहरणालय में पुलिस विभाग और आईटी सेल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब सिम कार्ड बेचने वाले सभी विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यह कदम फर्जी पहचान पर सिम कार्ड जारी होने से रोकने और धोखाधड़ी को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया है।






साइबर हेल्पडेस्क और जागरूकता अभियान से मिलेगी मदद
साइबर अपराधों को रोकने और आम जनता को जागरूक करने के लिए भी प्रशासन ने ठोस योजना बनाई है। इसके तहत, सभी पुलिस थानों में विशेष साइबर हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। इन हेल्पडेस्क के माध्यम से पीड़ित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और उन्हें तत्काल सहायता मिल सकेगी।

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने निर्देश दिए हैं कि सभी थानों में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएं और स्कूल-कॉलेजों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
इसके अतिरिक्त, स्कूल और कॉलेजों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इन अभियानों का मकसद छात्रों और युवाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों के बारे में शिक्षित करना है। यह पहल डिजिटल अरेस्ट और बैंक धोखाधड़ी जैसे मामलों में कमी लाने में सहायक होगी। पटना जिला प्रशासन का यह फैसला साइबर अपराधियों पर नकेल कसने और आम लोगों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।









