Patna Crime News: राजधानी पटना में बदमाशों का खौफ लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में मसौढ़ी अनुमंडल के भगवानगंज थाना क्षेत्र स्थित चांदनी अलंकार ज्वेलरी दुकान में हुई खौफनाक डकैती ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। रविवार देर रात लगभग 10 हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने एक घंटे तक परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये के जेवर और नकदी लूट ली, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डकैतों ने कैसे दिया वारदात को अंजाम?
यह घटना रविवार रात करीब 11 बजे की है, जब बदमाशों ने मसौढ़ी बाजार स्थित चांदनी अलंकार ज्वेलरी दुकान और उसके ऊपर बने आवासीय मकान को निशाना बनाया। सभी अपराधी काले कपड़े पहने हुए थे और उनके चेहरे नकाब से ढके हुए थे। उनके पास पिस्तौल, रिवॉल्वर सहित भारी हथियार थे, जिससे वे किसी भी प्रतिरोध का सामना करने के लिए तैयार थे। बदमाशों ने घर के पीछे की तरफ से सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ाई की और फिर दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुस गए।






अंदर घुसते ही उन्होंने सो रहे परिवार के सदस्यों को अचानक घेर लिया और हथियारों के बल पर सभी को बंधक बना लिया। बच्चों और महिलाओं को भी डरा-धमकाकर चुप करा दिया गया। इसके बाद बदमाशों ने पूरे घर और दुकान की तलाशी लेनी शुरू कर दी।

परिवार पर बीती खौफनाक रात
लगभग एक घंटे तक डकैती चलती रही, जिसके दौरान बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान बटोर लिए। लूटी गई संपत्ति का सटीक अनुमान लगाना अभी मुश्किल है, लेकिन प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह कई लाख रुपये में है। लूटपाट के बाद बदमाश उसी रास्ते से फरार हो गए, जिस रास्ते से वे आए थे।
पीड़ित परिवार के मुखिया ने बताया, “हम सो रहे थे कि अचानक हथियारों की नोक पर जाग गए। एक घंटे तक मौत का सामना करते रहे।”
परिवार के सदस्यों ने बताया कि बदमाश बेहद संगठित और बेखौफ थे। वे लगातार एक-दूसरे से इशारों में बात कर रहे थे और किसी भी सदस्य के हिलने-डुलने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का दबाव बढ़ा दिया है।
इस बड़ी डकैती के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय व्यापार मंडल ने पुलिस से जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना बिहार में बढ़ती अपराध दर को उजागर करती है और नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।









