Bihar Education: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री बिहार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 1520 नए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के साथ माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की अहम घोषणा की है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा भी जल्द उपलब्ध होगी, जिसके लिए केंद्र सरकार से 2021 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी गई है।
1520 नए स्कूल और 2021 करोड़ की मांग: बच्चों को मिलेगी सुविधा
राज्य सरकार ने 1520 नए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण की तैयारी पूरी कर ली है। इन विद्यालयों से बच्चों को उनके घर के नजदीक ही शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए केंद्र सरकार से 2021 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का अनुरोध किया गया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
अगले वित्त वर्ष से कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य और स्मार्ट क्लास की सुविधा
आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बिहार सरकार ने माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अगले वित्त वर्ष से कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इस पहल से विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा और वे तकनीक आधारित पढ़ाई से जुड़ सकेंगे।
मिशन कायाकल्प से स्कूलों का सुधार: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का वादा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मिशन कायाकल्प’ के तहत स्कूलों में सुधार कार्यों पर विशेष जोर दिया है। इस योजना के अंतर्गत स्कूलों की चारदीवारी, भवन निर्माण, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मार्च के बाद जब बच्चे स्कूल लौटेंगे, तब उन्हें पहले से बेहतर और अधिक व्यवस्थित सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य बच्चों के लिए एक आदर्श शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
बिहार में शिक्षा से जुड़ी ये पहलें दोहरी रणनीति का हिस्सा हैं। एक ओर, 1520 नए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण से दूरदराज के क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर, कंप्यूटर शिक्षा और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं से मौजूदा स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह कदम राज्य के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।







