Bihar Education: पटना में बिहार सरकार ने छात्रों की मार्कशीट और प्रमाणपत्रों से ‘फेल’ शब्द हटाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गुरुवार को विकास भवन में एक समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस बदलाव को लागू करने के लिए जल्द ही नियमों में संशोधन किया जाएगा और शिक्षा विभाग बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) को आवश्यक निर्देश जारी करेगा। नई व्यवस्था के तहत, प्रमाणपत्रों पर ‘फेल’ की जगह ‘स्किल के लिए योग्य’ (Eligible for Skill) शब्द का प्रयोग किया जाएगा।
छात्रों के मनोबल को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के मनोबल की रक्षा करना है। उनका मानना है कि परीक्षा में प्रदर्शन को किसी छात्र की समग्र क्षमता का पैमाना नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र अपेक्षित अंक प्राप्त करने में विफल रहता है, तो भी उसकी प्रतिभा कम नहीं होती। इसलिए, ऐसे शब्दों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए जो आधिकारिक प्रमाणपत्रों पर छात्रों के आत्मविश्वास को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकें।
मैट्रिक पूरक परीक्षाओं के लिए विशेष कक्षाएं
बैठक में मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। मैट्रिक की पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक महीने की विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयारी करने और उत्तीर्ण होने की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद करना है।
शिक्षक दिवस की तैयारियों की समीक्षा
समीक्षा बैठक में 5 सितंबर को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में होने वाले शिक्षक दिवस समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे, जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री इसी अवसर पर ‘टीचर सपोर्ट पोर्टल’ भी लॉन्च करने वाले हैं। प्रत्येक जिले से एक शिक्षक को राज्य-स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना जाएगा। पटना के 10 मॉडल स्कूलों, जिन्हें ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के रूप में नामित किया गया है, के छात्रों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया गया है। DIET, SCERT और शिक्षक-प्रशिक्षण केंद्रों के शिक्षकों से भी इस कार्यक्रम में भाग लेने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान, मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग के विभिन्न विंगों, उनकी आय और व्यय, साथ ही बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और उपलब्ध संसाधनों के इष्टतम उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। इस समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन, विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।







