Bihar Ganga Lift Project: मुआवजे के भुगतान में देरी के कारण बिहार के सुलतानगंज प्रखंड में ₹1627 करोड़ की महत्वाकांक्षी गंगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना पर अचानक रोक लग गई है. कमरगंज पंचायत में इंटकवेल निर्माण स्थल पर पहुंचे आक्रोशित किसानों ने काम पूरी तरह ठप करा दिया. किसानों का कहना है कि परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक उनके खाते में नहीं आया है.
काम रुकने की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग तारापुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार, सहायक अभियंता और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि तत्काल मौके पर पहुंचे. उन्होंने किसानों से बातचीत कर काम दोबारा शुरू करने का अनुरोध किया. अधिकारियों ने बकाया राशि के भुगतान के लिए 10 दिनों का समय मांगा, लेकिन किसान अपने फैसले पर अडिग रहे कि जब तक मुआवजा राशि खाते में नहीं आ जाती, काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा.
किसानों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों से हुई तीखी नोकझोंक
वार्ता के दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. किसानों ने आरोप लगाया कि भागलपुर भू-अर्जन कार्यालय और विभागीय अधिकारी बार-बार केवल झूठे आश्वासन दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले 3 अक्टूबर तक हर हाल में राशि भुगतान का वादा किया गया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ. इस लगातार मिल रहे आश्वासन ने किसानों के धैर्य को तोड़ दिया है.
जमीन अधिग्रहण के बाद से ही कई किसान मुआवजे के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं. 3 अक्टूबर की समय-सीमा बीत जाने के बाद किसानों का धैर्य जवाब दे गया. जब तक सभी पात्र भूमिदाताओं के बैंक खातों में पूर्ण मुआवजा राशि हस्तांतरित नहीं हो जाती, तब तक किसी भी हाल में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा.
कमरगंज पंचायत के मुखिया भरत कुमार ने किसानों के साथ हुई वार्ता में उनका समर्थन किया. उन्होंने साफ कहा कि जब तक सभी पात्र भूमिदाताओं को उनका पूरा मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा.
गंगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना: मुख्य बिंदु और वर्तमान स्थिति
यह परियोजना गंगा नदी के बाढ़ और अतिरिक्त पानी को लिफ्ट कर पाइपलाइन के जरिए बांका के बडुआ जलाशय और मुंगेर के हवेली खड़गपुर जलाशय तक पहुंचाने के लिए डिज़ाइन की गई है. इसका उद्देश्य इन तीनों जिलों के किसानों को पूरे साल सिंचाई की पुख्ता सुविधा उपलब्ध कराना है.
| प्रमुख बिंदु | विवरण / आंकड़े |
|---|---|
| परियोजना का नाम | गंगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना (सुलतानगंज) |
| कुल प्राक्कलित लागत | ₹1627 करोड़ |
| कुल निर्धारित मुआवजा राशि | ₹55 करोड़ |
| अब तक किया गया भुगतान | करीब ₹28 करोड़ |
| बकाया मुआवजा राशि | लगभग ₹27 करोड़ |
| वर्तमान निर्माण कार्य | कमरगंज में इंटकवेल हेतु डायफ्राम केजिंग का कार्य |
| लाभार्थी क्षेत्र व जलाशय | बांका का बडुआ जलाशय एवं मुंगेर का खड़गपुर झील/जलाशय |
इस परियोजना के तहत कुल ₹55 करोड़ का मुआवजा निर्धारित किया गया था, जिसमें से लगभग ₹28 करोड़ का भुगतान हो चुका है, लेकिन करीब ₹27 करोड़ अभी भी बकाया हैं. इस बकाया राशि के भुगतान को लेकर ही किसानों ने काम रोका है, जिससे हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने में देरी हो सकती है.
परियोजना की समय-सीमा पर संकट, आर्थिक नुकसान की आशंका
निर्माण कंपनी ने आशंका जताई है कि कार्य बाधित होने से परियोजना की समय-सीमा गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है और भारी आर्थिक नुकसान का जोखिम भी बढ़ गया है. कमरगंज में इंटकवेल निर्माण के लिए डायफ्राम केजिंग का काम चल रहा था, जिस पर अब किसानों के विरोध के कारण ग्रहण लग गया है. इस गतिरोध के कारण बांका और मुंगेर जिलों के किसानों को मिलने वाली सिंचाई सुविधा में अनिश्चितता आ गई है, और सरकार पर बकाया मुआवजे के तत्काल भुगतान का दबाव बढ़ गया है.







