
अवैध बालू खनन: बिहार में बालू माफिया पर पुलिस का कहर टूट पड़ा है। गया और औरंगाबाद जिलों में अवैध बालू खनन और ढुलाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। इस दौरान कुल 5 बालू लदे ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
गया में अवैध बालू खनन के खिलाफ विशेष अभियान
गया जिले के मोहड़ा प्रखंड स्थित केहर बिगहा घाट पर लंबे समय से अवैध बालू खनन और ढुलाई की शिकायतें मिल रही थीं। गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। नीमचक बथानी के डीएसपी सुरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में अतरी थानाध्यक्ष राज कौशल और बथानी थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय सहित पुलिस बल ने यह कार्रवाई की। अचानक हुई इस छापेमारी से अवैध खनन में लगे लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके से बालू लदे तीन ट्रैक्टर जब्त किए। जब्त ट्रैक्टरों के मालिकों और चालकों की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन से लोग सक्रिय हैं और उनका नेटवर्क कितना बड़ा है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासन ने साफ किया है कि क्षेत्र में अवैध बालू खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए नियमित छापेमारी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है।
औरंगाबाद में भी पुलिस ने कसा शिकंजा
औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में भी अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को छापेमारी कर दो ट्रैक्टर जब्त किए। इन दोनों वाहनों पर लगभग 200 सीएफटी सोन नदी का बालू लदा था, लेकिन किसी भी प्रकार का वैध चालान प्रस्तुत नहीं किया जा सका। कार्रवाई के दौरान दोनों ट्रैक्टरों के चालक मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई से बालू माफिया के हौसले पस्त हुए हैं। पुलिस अब इस बालू माफिया के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि अवैध बालू खनन के कारण इलाके में कई तरह की समस्याएं पैदा हो रही थीं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहे, ताकि पूरी तरह से अवैध खनन पर रोक लग सके और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







