
Bihar Irrigation Projects: बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है! मुख्य सचिव ने राज्य की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं – उत्तर कोयल जलाशय और मंडई वीयर की समीक्षा की है, और साफ़ निर्देश दिए हैं कि खरीफ मौसम शुरू होने से पहले ही इनका काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को समय पर पानी मिले और उनकी मेहनत बेकार न जाए।
मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
राज्य के मुख्य सचिव, प्रत्यय अमृत ने हाल ही में जल संसाधन विभाग की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। इनमें 1367.61 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘उत्तर कोयल जलाशय परियोजना’ और 232.83 करोड़ रुपये की ‘मंडई वीयर एवं नहर प्रणाली’ शामिल हैं। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Bihar Irrigation Projects: परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति और चुनौतियां
समीक्षा बैठक में दोनों परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया:
- उत्तर कोयल जलाशय परियोजना: इस परियोजना की राइट मेन कैनाल (RMC) की भौतिक प्रगति 31.17% दर्ज की गई है। कुल 77.69 किमी लंबाई में से अधिकतर हिस्सों पर काम जारी है, और समग्र प्रगति 57.09% पर है। औरंगाबाद और गया जिलों में भूमि अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है, जो एक बड़ी चुनौती है।
- मंडई वीयर एवं नहर प्रणाली: मंडई परियोजना के तहत बायां मुख्य नहर प्रणाली (Left H/R) का 63.50% और कररूआ डिस्ट्रीब्यूटरी का 66.05% कार्य पूरा हो चुका है। पिछले एक सप्ताह में विभिन्न घटकों में 2.40% तक की उत्साहजनक प्रगति देखी गई है।
समय पर काम पूरा करने के लिए मुख्य निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को कई अहम दिशा-निर्देश दिए, जिनका उद्देश्य परियोजनाओं को आगामी खरीफ मौसम से पहले पूरा करना है:
- खरीफ मौसम का लक्ष्य: आने वाले खरीफ मौसम की महत्ता को देखते हुए, दोनों परियोजनाओं की सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। नहर प्रणालियों को इस तरह तैयार किया जाए कि किसानों को तुरंत सिंचाई का लाभ मिल सके।
- संसाधनों में वृद्धि: कार्यस्थलों पर मैनपावर और आवश्यक मशीनों (जैसे Excavators, Tippers, Rollers) की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए। स्वीकृत पदों और उपलब्ध संसाधनों के बीच के अंतर को तत्काल भरा जाए ताकि काम की गति बनी रहे।
- भूमि अधिग्रहण में तेजी: औरंगाबाद में बचे हुए 42 रैयतों की भूमि रजिस्ट्री इसी सप्ताह पूरी करने का लक्ष्य दिया गया। साथ ही, मंडई परियोजना के तहत बकास्त और आम गैरमजरूआ भूमि के हस्तांतरण में तेजी लाने और परियावाँ, बंधुगंज एवं मईयावा जैसे मौजों में रैयतों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
- गुणवत्ता और निगरानी: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों को साप्ताहिक आधार पर भौतिक प्रगति की निगरानी करने और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान निकालने के निर्देश दिए गए।
इस बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, गया के जिलाधिकारी, संबंधित जिलों के अभियंता प्रमुख, WAPCOS के प्रतिनिधि और अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







