बिहार गाएगा गुजरात में नक्सलवाद से मुक्ति की गाथा ! CM Samrat बोले बिहार की शांति बहाली और विकास की बदलती तस्वीर से रूबरू होगा ‘ एक भारत, श्रेष्ठ भारत ‘
Bihar National Unity Day: राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए बिहार का 1300 से अधिक लोगों का दल गुजरात रवाना हुआ। यह जत्था देश को बताएगा कैसे राज्य ने नक्सलवाद को हराकर विकास की नई राह पकड़ी है।
बिहार गाएगा गुजरात में नक्सलवाद से मुक्ति की गाथा ! CM Samrat बोले बिहार की शांति बहाली और विकास की बदलती तस्वीर से रूबरू होगा ‘ एक भारत, श्रेष्ठ भारत ‘
Bihar National Unity Day: नक्सलवाद से मुक्ति की अपनी गौरवशाली कहानी को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के लिए बिहार का एक विशेष जत्था बुधवार को गुजरात के लिए रवाना हो गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन से इस दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जत्था गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेगा।
बिहार के 22 नक्सलमुक्त जिलों के 1,100 प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होने हेतु पाटलिपुत्र जंक्शन से एकता नगर (केवड़िया, गुजरात) रवाना किया। यह पहल “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प और नक्सलमुक्त, सुरक्षित एवं समृद्ध बिहार की नई पहचान का प्रतीक है।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में यह दल बिहार में नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता की गाथा सुनाएगा। राज्य में शांति बहाली और विकास की बदलती तस्वीर को भी यह जत्था राष्ट्रीय मंच पर सबके सामने रखेगा। यह बिहार के साहस, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव का राष्ट्रीय दूत बनकर जा रहा है।
गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस विशेष दल में कुल 1306 सदस्य शामिल हैं। इनमें बिहार विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के 206 जांबाज पुलिसकर्मी और राज्य के 22 नक्सल मुक्त जिलों से चुने गए 1100 ग्रामीण प्रतिभागी शामिल हैं। राज्य के प्रत्येक पूर्व नक्सल प्रभावित जिले से 50-50 ग्रामीणों का चयन किया गया है।
ये ग्रामीण राष्ट्रीय मंच पर अपने व्यक्तिगत और सामाजिक अनुभवों को साझा करेंगे। वे बताएंगे कि सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और जनसहयोग से कैसे वामपंथी उग्रवाद का खात्मा हुआ और उनके गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
पीएम मोदी की उपस्थिति में होगा मुख्य समारोह
एकता नगर में 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्य समारोह आयोजित होगा। प्रधानमंत्री सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का संयुक्त मार्च-पास्ट भी देखने को मिलेगा।
इस समारोह में देश के 10 राज्यों के 126 पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लगभग दो हजार कलाकार और ग्रामीण भी शिरकत करेंगे। वे अपनी लोक संस्कृति और बदलाव की गाथा पेश करेंगे। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के बाद 1 से 15 नवंबर तक ‘भारत पर्व’ का आयोजन होगा। इसमें बिहार की समृद्ध कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
रवानगी के समय कई दिग्गज रहे मौजूद
विशेष ट्रेन की रवानगी के मौके पर कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और दीघा विधायक संजीव चौरसिया सहित पुलिस व प्रशासनिक महकमे के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मौजूद अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और कहा कि यह दल सिर्फ एक प्रतिनिधिमंडल नहीं है। यह बिहार के साहस, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव का राष्ट्रीय दूत बनकर जा रहा है, जो देश को राज्य की बदलती तस्वीर दिखाएगा।