Bihar PMFBY: बिहार के किसानों के लिए अब फसल नुकसान की चिंता खत्म होने वाली है। सहकारिता विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को राज्य में रबी 2026-27 से प्रभावी रूप से लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस महत्वपूर्ण योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए मंगलवार, 18 अगस्त को शास्त्री नगर स्थित दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (डीएनएस) में एक व्यापक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में योजना के प्रावधानों, तकनीकी पहलुओं और इसके क्रियान्वयन में विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं व जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें रबी 2026-27 के संदर्भ में प्रत्येक हितधारक से अपेक्षित कार्यों, उनके दायित्वों और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य निष्पादन की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण का मुख्य जोर एसओपी के प्रावधानों को समयबद्ध तरीके से लागू करने और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं पर था, ताकि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
बिहार के किसानों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा: क्या है PMFBY का उद्देश्य?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को फसल क्षति की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह योजना किसानों की आय को स्थिर बनाए रखने, उन्हें खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का काम करती है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुरोध पर केंद्रीय पीएमयू टीम के डॉ अनिल पंत और मेहुल कक्कड़ ने प्रशिक्षण प्रदान किया।
इस योजना के तहत किसानों को बेहद कम प्रीमियम चुकाना होगा। खरीफ फसल के लिए बीमित राशि का 2 प्रतिशत, रबी फसल के लिए बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक या बागवानी फसल के लिए बीमित राशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम देय होगा। शेष प्रीमियम की आधी राशि केंद्र सरकार और आधी राशि राज्य सरकार वहन करेंगी। यह प्रावधान किसानों पर वित्तीय बोझ को काफी कम करेगा।
आधुनिक तकनीक से होगा फसल नुकसान का आकलन, मिलेगी तेज राहत
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों को कृषि लागत के बराबर क्षतिपूर्ति राशि मिलेगी। इस योजना में आधुनिक तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा, जिससे फसल क्षति का आकलन अधिक सटीक और पारदर्शी बन जाएगा। ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी जैसी तकनीकों की मदद से फसल नुकसान का आकलन किया जाएगा, जिससे दावों का निपटान तेजी से और बिना किसी गड़बड़ी के संभव हो पाएगा।
प्रशिक्षण सत्र में सहकारिता विभाग, कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना से अपर निबंधक (न्याय) श्री विकास कुमार बरियार, संयुक्त निबंधक (साख) श्री समरेश कुमार तथा प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य सहकारी बैंक लि. श्री अरविन्द पासवान ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
प्रशिक्षण में सहकारिता विभाग के सभी प्रमंडलीय संयुक्त निबंधक, सभी जिला सहकारिता पदाधिकारी और सभी प्रबंध निदेशकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, कृषि, आपदा प्रबंधन, वित्त, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, नाबार्ड, बिरसैक (बीआईआरएसएसी), एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और एनआईसी जैसे संबंधित अन्य विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सहकारिता विभाग इस योजना को सुचारु रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे बिहार के किसानों को समय पर और प्रभावी ढंग से सहायता मिल सकेगी।








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