Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर परिसर में मंगलवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में बेहद सख्त तेवर में दिखे। उन्होंने भूमि संबंधी मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार सबको निलंबित कर दिया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
CM योगी का रौद्र रूप! बोले- ‘रास्ता नहीं दिया तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो’
CM Yogi Adityanath: मंगलवार को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में CM Yogi Adityanath ने भूमि संबंधी विवादों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों को सीधा संदेश दिया जो ऐसे मामलों में लापरवाही या उदासीनता बरतते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने अपनी पीड़ा सुनाई। उसने बताया कि दबंग लोग उसे रास्ता नहीं दे रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि ‘चाहे जहां शिकायत कर लो’। यह सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चेहरा तमतमा गया। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला को उसका रास्ता दिलवाया जाए।
‘रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो।’
‘रास्ता नहीं तो सस्पेंड करो’: CM योगी का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि यदि लेखपाल, कानूनगो या तहसीलदार रास्ता दिलवाने में खुद को लाचार महसूस करते हैं, तो उन सभी को निलंबित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में जहां भी किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिले, वहां संबंधित कार्मिक या अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। प्रकरण की गंभीरता के अनुसार निलंबन की कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
जनता दर्शन में 200 लोगों से मिले CM, सुनी सबकी समस्याएँ
इस जनता दर्शन कार्यक्रम में CM Yogi Adityanath करीब 200 लोगों से मिले। उन्होंने स्वयं उनके पास जाकर शिकायतें सुनीं और प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और हर पीड़ित की समस्या का समाधान प्रतिबद्धता के साथ कराया जाएगा। कई अन्य लोगों ने भी जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की लापरवाही की शिकायत की, जिस पर सीएम ने संबंधित जिलाधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि विवादों के अलावा, जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी कई लोग पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। यदि आयुष्मान कार्ड के बाद भी आवश्यकता पड़ी, तो विवेकाधीन कोष से भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री का यह सीधा हस्तक्षेप जनता में सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास बढ़ाने का काम कर रहा है।
जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि दबंग लोग उसे रास्ता नहीं दे रहे हैं और शिकायत करने पर धमकी दे रहे हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री योगी की भृकुटि तन गई। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला को हर हाल में रास्ता दिलवाया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो।’
भूमि विवादों में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में जहां भी किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिले, वहां संबंधित कार्मिक या अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रकरण की गंभीरता के अनुसार संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई अन्य लोगों ने भी जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की लापरवाही की शिकायत की, जिस पर सीएम ने संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।
जनता दर्शन में 200 लोगों से मिले सीएम योगी, हर समस्या के समाधान का आश्वासन
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया। सीएम ने सभी पीड़ितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि हर पीड़ित की समस्या का निस्तारण प्राथमिकता के साथ कराया जाएगा।
इसके साथ ही, इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए भटकना न पड़े। यदि इसके बाद भी आवश्यकता पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सख्त रुख यह दर्शाता है कि उनकी सरकार जनता की समस्याओं, खासकर भूमि विवादों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए प्रतिबद्ध है।








