Bihar Ropeway: बिहार की राजधानी पटना से सोनपुर जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि जल्द ही पटना से हरिहरनाथ (सोनपुर) तक गंगा नदी के ऊपर एक शानदार रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम अगले पांच महीने के भीतर शुरू हो जाएगा, जिससे यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह महत्वपूर्ण घोषणा पटना के ताज होटल में आयोजित ‘बिहार इन्वेस्टर मीट’ के दौरान की। इस आयोजन में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के लिए उद्यमियों से अपील करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार उद्योगों को पूरी सुरक्षा और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
पटना में गंगा पर 5 महीने में रोपवे! CM सम्राट चौधरी का महा ऐलान, बदल जाएगी बिहार की तस्वीर
Bihar Development: आने वाले सालों में बिहार की सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में गंगा नदी पर रोपवे निर्माण और राज्य के लिए महत्वाकांक्षी बिजली उत्पादन लक्ष्यों का बड़ा ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी बिहार के बदलते माहौल की सराहना की।
पटना में गंगा पर रोपवे: कनेक्टिविटी का नया अध्याय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘राइजिंग बिहार-इन्वेस्टर समिट 2026’ में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि अगले पांच महीने के भीतर पटना में गंगा नदी के ऊपर रोपवे के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। यह रोपवे सीधे हरिहरनाथ मंदिर तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे आवागमन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना राज्य की बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
ऊर्जा और सड़क क्षेत्र में बड़े लक्ष्य
कनेक्टिविटी के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले पांच सालों में बिहार में 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत किसानों को हर हाल में 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने और कारोबारियों को सुरक्षित माहौल देने का भी आश्वासन दिया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पटना के होटल ताज में आयोजित इस समिट में कहा कि बिहार अब बदल रहा है और यहां इंडस्ट्री, बिजली व बेहतर बुनियादी सुविधाओं के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है। उन्होंने किसी भी राज्य के विकास के लिए इंडस्ट्री को जरूरी बताया, जिसके लिए पानी, बिजली, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जैसी बुनियादी सुविधाएं अहम होती हैं।
सड़क परियोजनाओं की समीक्षा और नई पहल
राज्य के सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर नितिन गडकरी और सम्राट चौधरी ने सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में धीमी गति से चल रही परियोजनाओं, जमीन अधिग्रहण की अड़चनों, जरूरी मंजूरियों और अन्य बाधाओं को दूर करने पर गहन चर्चा हुई। राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष नई और लंबित सड़क परियोजनाओं के प्रस्ताव भी रखे, जिनकी कुल अनुमानित लागत 15 हजार करोड़ रुपये से लेकर 53 हजार करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। इस दौरान राम जानकी पथ सहित कई अन्य बड़ी परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जो बिहार के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी।
बाढ़ और पानी की चुनौती से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती – बाढ़ और पानी की समस्या – की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि बिहार हर साल बाढ़ की मार झेलता है और इस बार गंगा समेत कई नदियों ने पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर दिया। वहीं, जुलाई से अक्टूबर तक खेतों में पर्याप्त पानी रहने के बावजूद दक्षिण बिहार के कई इलाकों में पानी की समस्या बढ़ जाती है। इस प्रकार बिहार एक तरफ बाढ़ और दूसरी तरफ पानी की कमी, दोनों चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसके समाधान के लिए भी सरकार प्रयासरत है।
पटना-सोनपुर रोपवे से मिलेगी बड़ी राहत
पटना और सोनपुर को जोड़ने वाला यह रोपवे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर तैयार होगा। पटना के मरीन ड्राइव से इसकी शुरुआत होगी और यह सीधे सोनपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर तक जाएगा। लगभग 7 किलोमीटर लंबा यह रोपवे बनने के बाद लोग गंगा नदी के ऊपर से यात्रा का आनंद ले सकेंगे, जिससे सड़क जाम की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। यह परियोजना पर्यटन और स्थानीय आवागमन दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
भागलपुर में भी बनेगा गंगा पर रोपवे
पटना के अलावा, भागलपुर जिले में भी इसी तरह का एक रोपवे बनाने की योजना है। यह रोपवे सुल्तानगंज के प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम से अगुवानी गंगा घाट के बीच बनाया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा नदी पार करने में काफी आसानी होगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन्वेस्टर मीट में कहा, “यूपी, एमपी और नेपाल से भारी मात्रा में पानी आने के कारण इस बार गंगा के जलस्तर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भविष्य में बाढ़ से बचाव के लिए सरकार गंगा नदी के दोनों तरफ पक्के तटबंध बनाने की दिशा में काम कर रही है।”
नए रोपवे प्रोजेक्ट और बाढ़ नियंत्रण के लिए तटबंधों के निर्माण से बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी, जिससे लोगों का जीवन और अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो पाएगा। इन परियोजनाओं से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।








You must be logged in to post a comment.