Darbhanga Court: दरभंगा कोर्ट ने गंभीर अपराधों में शामिल अभियुक्तों को बड़ा झटका दिया है. शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोपी सहित लाखों रुपये की ठगी करने वाले अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं. अदालत के इस सख्त रुख से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है.
दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बलहा निवासी शहजाद अंसारी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है. शहजाद अंसारी पर एक महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप है. यह मामला बिरौल थानाकांड संख्या 536/26 के तहत दर्ज है. पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ मजबूत दलीलें पेश कीं.
लाखों की ठगी और गबन के दोषियों को भी नहीं मिली राहत
एक अन्य मामले में, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) भुपेंद्र सिंह की कोर्ट ने स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल लिमिटेड की ओझौल शाखा के शाखा प्रबंधक रौशन ठाकुर की नियमित जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया. रौशन ठाकुर पर जमाकर्ताओं के लाखों रुपये गबन करने का आरोप है, जिसके संबंध में बहादुरपुर थानाकांड संख्या 500/24 दर्ज है.
इसी कोर्ट ने 17 लाख 69 हजार रुपये की ठगी के एक और मामले में भी अभियुक्तों को जमानत देने से इनकार कर दिया है. नगर थानाकांड संख्या 138/25 के इस मामले में सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र के कटका निवासी निजानंद कुंवर और गुड़िया कुमारी आरोपी हैं. इन दोनों की अग्रिम जमानत याचिका भी एडीजे भुपेंद्र सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दी.
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि अब उपरोक्त आरोपियों को जमानत पाने के लिए पटना उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने का विकल्प है.
न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम: पटना उच्च न्यायालय
दरभंगा कोर्ट से जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद, इन सभी अभियुक्तों के पास अब केवल एक ही कानूनी विकल्प बचा है. वे अपनी जमानत के लिए पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं. कोर्ट के इन फैसलों से यह स्पष्ट संदेश गया है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त लोगों को आसानी से राहत नहीं मिलेगी और न्यायिक प्रक्रिया अपना काम निष्पक्षता से कर रही है.







