Bihar Weather: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को 11 जिलों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, लेकिन इन इलाकों के निवासियों को चिपचिपी गर्मी से खास राहत मिलने की संभावना कम है। राज्य में सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
किन जिलों में होगी बारिश और कैसा रहेगा पटना का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सिवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, पटना, वैशाली और पश्चिमी चंपारण जैसे 11 जिलों में बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इन जिलों के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है। पटना में पिछले 24 घंटों के दौरान उमस भरी गर्मी महसूस की गई, रात में हल्की बारिश होने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिली।
शनिवार को पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने का अनुमान है। 30 अगस्त को भी पटना सहित सिवान, सारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
31 अगस्त को पटना और राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दिन पटना में थोड़ी तेज बारिश हो सकती है, जिससे अधिकतम तापमान 31°C तक गिर सकता है।
बारिश के बावजूद क्यों बढ़ रही है उमस?
पिछले 24 घंटों में बिहार के कुछ जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, मधेपुरा और पूर्णिया में अच्छी बारिश हुई है। मधेपुरा में शुक्रवार दोपहर को तेज बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद, राज्य के अधिकांश हिस्सों में उमस लगातार बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वायुमंडल में नमी के उच्च स्तर और मानसून की सक्रियता के कारण ऊपरी वायुमंडल में बादलों का निर्माण हो रहा है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि बादल तो बन रहे हैं और कई क्षेत्रों में घूम रहे हैं, लेकिन वे हर जगह पर्याप्त बारिश नहीं दे पा रहे हैं। यही वजह है कि बारिश से पहले और बाद में भी नमी बढ़ जाती है, जिससे रुक-रुक कर बारिश होने के बावजूद लगातार असुविधा महसूस होती है।
बिहार में सूखे का खतरा: 42% कम बारिश ने बढ़ाई चिंता
चालू मानसून सीजन में बिहार में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अब तक 756.5 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 438.6 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य से 317.9 मिमी कम है, जो लगभग 42% की कमी को दर्शाता है। यह स्थिति कृषि और जनजीवन दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मानसून की इस कमजोर पड़ती स्थिति और लगातार बढ़ रही उमस से जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए भी यह एक चिंताजनक संकेत है। मौसम विभाग की आगामी दिनों की चेतावनी और पूर्वानुमान पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि पर्याप्त बारिश के बिना बिहार के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।







