Dighwara Bridge News: पटना के दानापुर स्थित शेरपुर से सारण के दिघवारा तक गंगा नदी पर बन रहे बहुप्रतीक्षित सिक्सलेन पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। करीब 14.5 किलोमीटर लंबा यह पुल पटना रिंग रोड परियोजना का अहम हिस्सा है। एसपी सिंगला कंपनी द्वारा बनाए जा रहे इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग 3012.27 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस पुल से उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ ही दिघवारा क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। लोगों को दानापुर जाने में लगने वाले समय और दूरी से मुक्ति मिलेगी।
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पुल निर्माण: कितनी रफ्तार, कब तक होगा तैयार?
दिघवारा की ओर से पुल निर्माण का काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पुराना थाना मस्जिद से गंगा नदी तक कई पाया का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। वहीं गंगा के दूसरी ओर भी कई पिलर तैयार किए जा रहे हैं। निर्माण स्थल पर दिन-रात काम चल रहा है और मजदूरों के साथ भारी मशीनें लगातार जुटी हुई हैं।
यह सिक्सलेन पुल शेरपुर के 8वें किलोमीटर से शुरू होकर दिघवारा के 23वें किलोमीटर तक जाएगा। परियोजना के तहत पुल को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि निर्माण पूरा होने के बाद अगले 10 वर्षों तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी एसपी सिंगला कंपनी के पास ही रहेगी। 2028 से इस पुल पर गाड़ियों का आवागमन शुरू हो सकता है।
Dighwara Bridge News: बदल देगा दिघवारा की तस्वीर
यह पुल पटना रिंग रोड परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। पुल की शुरुआत पटना रिंग रोड एनएच-131जी से होगी और इसका समापन दिघवारा के एनएच-19 पर होगा। इस पुल के बन जाने से पटना, सारण और आसपास के जिलों के बीच यातायात पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।
अभी दिघवारा और आसपास के लोगों को दानापुर जाने के लिए पटना होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। लेकिन पुल बन जाने के बाद लोग कम समय में सीधे दिघवारा से दानापुर पहुंच सकेंगे। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस पुल के शुरू होने के बाद जेपी सेतु, आरा-डोरीगंज सड़क और कोईलवर सेतु पर वाहनों का दबाव भी काफी कम हो जाएगा। साथ ही छपरा से बिहटा में बन रहे एयरपोर्ट की दूरी लगभग 40 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक हो जाएगी।
इस परियोजना से बाबा हरिहरनाथ मंदिर और मां अंबिका भवानी मंदिर आमी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी सुविधा मिलेगी। पुल की कनेक्टिविटी गंगा नदी के उत्तरी छोर पर बनने वाले मरीन ड्राइव सड़क से भी जोड़ी जाएगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
पुल निर्माण शुरू होने के बाद से ही दिघवारा और आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। जिस जमीन की कीमत पहले काफी कम थी, उसका दाम अब तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले समय में यह इलाका निवेश और कारोबार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
दिघवारा में सड़कों का जाल और रोजगार की नई उम्मीदें
दिघवारा में पहले से हाजीपुर-छपरा फोरलेन सड़क परियोजना चल रही है और अब सिक्सलेन पुल तथा संभावित पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जुड़ने से यहां सड़कों का बड़ा नेटवर्क तैयार होगा। इससे लोगों की रेल मार्ग पर निर्भरता कम होगी और सड़क मार्ग से यात्रा आसान बनेगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुल बनने के बाद दिघवारा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। व्यापार, परिवहन और छोटे उद्योगों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोगों की आमदनी बढ़ने और क्षेत्र के तेजी से विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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