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Digital Census: बिहार में 2027 की जनगणना नए अंदाज में, बड़ा हाईटेक बदलाव, 17 अप्रैल से खुद भरें अपनी जानकारी!

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Digital Census: अब जनगणना के लिए लाइन में लगने या गणनाकर्मी का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी! डिजिटल क्रांति के इस दौर में अब जनगणना भी हाईटेक हो रही है। बिहार समेत पूरे देश में 2027 की जनगणना एक नए अंदाज़ में शुरू होने जा रही है।

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देश में जनगणना का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है। 2027 की जनगणना के पहले चरण के लिए कल यानी 17 अप्रैल से सेल्फ-इन्युमरेशन (स्व-गणना) की सुविधा शुरू हो रही है। अब लोग घर बैठे अपने मोबाइल से परिवार की जानकारी एक विशेष पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। यह कदम न केवल प्रक्रिया को तेज बनाएगा, बल्कि डेटा की सटीकता को भी सुनिश्चित करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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Digital Census: कैसे काम करेगा स्व-गणना पोर्टल?

जनगणना कार्य सह नागरिक निबंधन बिहार की निदेशक रंजीता ने बताया कि 17 अप्रैल से 1 मई तक आम नागरिक पोर्टल पर जाकर 33 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब स्वयं भर सकते हैं। इसके लिए एक मोबाइल नंबर का उपयोग कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। डेटा सबमिट करने के बाद एक यूनिक आईडी नंबर जेनरेट होगा, जिसे सुरक्षित रखना होगा। 2 मई से जब जनगणनाकर्मी आपके घर पहुंचेंगे, तो आपको बस वह आईडी नंबर दिखाना होगा और आपका काम मिनटों में पूरा हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और कागजी कार्यवाही से भी मुक्ति मिलेगी।

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मकानों की गिनती और नए नियम

इस बार की जनगणना में मकानों और परिवारों के वर्गीकरण को लेकर बेहद स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। निदेशक ने बताया कि यदि एक ही मकान के भीतर अलग-अलग चूल्हों का इस्तेमाल हो रहा है, तो उन्हें अलग-अलग परिवार माना जाएगा। अगर गणना के दौरान घर पर कोई नहीं मिलता, तो उसे खाली मकान के रूप में दर्ज किया जाएगा। आपसे मकान के मालिकाना हक, छत और दीवार की सामग्री, कमरों की संख्या और विवाहित जोड़ों जैसे विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

बिहार के ऐसे निवासी जो वर्तमान में राज्य से बाहर रह रहे हैं, उन्हें भी अपनी जड़ें दर्ज कराने का पूरा मौका मिलेगा। पोर्टल पर सेल्फ-इन्युमरेशन के माध्यम से वे अपने मूल निवास की जानकारी भर सकते हैं। डेटा सबमिट करने से पहले एडिट का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की है और अधिकारियों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है ताकि कोई भी नागरिक इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य से छूट न जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

वास्तविक गिनती 2027 में

मई 2026 में होने वाला यह अभ्यास मकानों की सूची तैयार करने और पहले चरण के डेटा संग्रह के लिए है। लोगों की वास्तविक हेडकाउंट दूसरे चरण में फरवरी 2027 में की जाएगी। डिजिटल मोड में होने वाली इस Digital Census से भविष्य की योजनाओं और सरकारी नीतियों के निर्माण में बड़ी मदद मिलेगी। इसलिए अपनी जिम्मेदारी समझें और सही डेटा पोर्टल पर अपडेट करें।

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