
Disproportionate Assets: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग तेज हो गई है। अब एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने छापा मारा है, जहां करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। आखिर कौन है यह अधिकारी और कैसे जमा की इतनी दौलत?
पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई की है। शहरी विकास एवं आवास विभाग में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (मैकेनिकल) राजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित करने के गंभीर आरोप में कांड दर्ज किया गया है। निगरानी इकाई के मुताबिक, राजीव कुमार ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया और सुनियोजित तरीके से अवैध संपत्ति जुटाई। जांच में सामने आया है कि इस अधिकारी ने अपनी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक, करीब 1 करोड़ 10 लाख 24 हजार 271 रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज होने के बाद निगरानी की टीम ने कार्रवाई तेज कर दी।
Disproportionate Assets मामले में छापेमारी: क्या-क्या मिला?
विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर बुधवार सुबह से ही पटना में आरोपी राजीव कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी चल रही है। निगरानी की टीम हर दस्तावेज, संपत्ति और लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि मामला और भी बड़ा हो सकता है और कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। इस छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति के कागजात बरामद हुए हैं जिनकी जांच की जा रही है।
इन प्रमुख ठिकानों पर हो रही है छापामारी:
- रामनगरी रोड स्थित गृहम अपार्टमेंट के वेस्ट ब्लॉक में फ्लैट नंबर B-202
- खगौल रोड, दानापुर स्थित लैंडमार्क गोल्ड में फ्लैट नंबर 807
- पंत भवन, छठी मंजिल स्थित कार्यालय (प्रोक्योरमेंट एंड क्वालिटी कंट्रोल)
यह कार्रवाई बिहार में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए निगरानी इकाई के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। उम्मीद है कि इस मामले में और भी परतों का खुलासा होगा और दोषी को सजा मिलेगी। इस अवैध संपत्ति के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं, इसका पता लगाना भी जांच का अहम हिस्सा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।





