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Patna DM का बड़ा एक्शन – 126 अधिकारियों पर 3.47 लाख का जुर्माना, 25 पर गिरेगी गाज…जानिए वजह

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Patna: अगर आप सोच रहे थे कि सरकारी काम में लापरवाही चलेगी, तो पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने साफ कर दिया है कि अब ऐसा नहीं होगा। लोक शिकायत निवारण के मामलों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लिया गया है। डीएम ने 126 मामलों में लाखों का जुर्माना ठोका है और 25 अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश भी कर दी है।

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सोमवार को डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत गुणवत्तापूर्ण निष्पादन में लापरवाही बरतने पर कुल 3,47,800 रुपये का आर्थिक दंड लगाया। इसके साथ ही, 25 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है। डीएम ने बताया कि अब तक 2,92,900 रुपये की राशि जमा हो चुकी है, और शेष राशि जल्द जमा कराने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के वेतन से कटौती की जाएगी। लोक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन न होने पर प्रति मामला आर्थिक दंड का प्रावधान है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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लोक शिकायत निवारण: लापरवाही पर डीएम का कड़ा रुख

डीएम ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है, उनकी जवाबदेही तय कर कठोर कदम उठाए जाएंगे। वे लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस संबंधी मामलों की समीक्षा बैठक कर रहे थे, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम पटना ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि जनता की शिकायतें न केवल निपटाएं बल्कि उन्हें संतुष्टि भी मिले। उन्होंने पूर्व में प्राप्त आवेदनों की संख्या में सवा गुना अधिक लोक शिकायतों के निष्पादन और किसी भी आवेदन के निर्धारित समय-सीमा से अधिक लंबित न होने पर अधिकारियों की प्रशंसा भी की।

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आरटीपीएस और भूमि विवाद: जवाबदेही तय, कार्रवाई तेज

डीएम ने यह भी कहा कि आरटीपीएस (सेवा का अधिकार) के मामलों में जिन अंचलों या प्रखंडों में लापरवाही बरती जाएगी, वहां संबंधित अपीलीय प्राधिकार यानी अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) खुद मामलों की सुनवाई करेंगे और दोषी अधिकारियों पर नियमानुसार दंड लगाएंगे। यही नियम लोक शिकायत निवारण के मामलों पर भी लागू होगा। बैठक में डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ झा समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने बताया कि पिछले सप्ताह जिले में लोक शिकायत निवारण के 165 मामले आए, जबकि 218 का निष्पादन किया गया। 60 कार्य दिवस की समय-सीमा से अधिक का कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। प्रथम अपील में दायर 12,200 मामलों में से 11,934 का निष्पादन किया जा चुका है, और शेष का भी तेजी से निपटारा हो रहा है। 60 कार्य दिवस से कम के 266 मामले प्रक्रियाधीन हैं। द्वितीय अपील के 4,683 मामलों में 4,512 का निष्पादन किया गया है, और इनमें भी 60 कार्य दिवस से अधिक का कोई मामला लंबित नहीं है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अनुपस्थित अधिकारियों पर गिरी गाज: स्पष्टीकरण की मांग

जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में विगत 484 सुनवाइयों में शत-प्रतिशत लोक प्राधिकारी उपस्थित रहे हैं। पटना सदर, पटना सिटी, बाढ़, मसौढ़ी और पालीगंज अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालयों में भी यही स्थिति रही। हालांकि, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय दानापुर में 125 सुनवाइयों में से 6 मामलों में लोक प्राधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इनमें थानाध्यक्ष बिहटा 4 बार और प्रखंड विकास पदाधिकारी दानापुर 2 बार अनुपस्थित थे। डीएम ने दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और सख्त चेतावनी दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। 23 अंचल कार्यालयों में सीओ व थानाध्यक्षों की संयुक्त बैठक की 13,749 कार्यवाही भू-समाधान पोर्टल पर अपलोड की गई है। डीएम ने भूमि विवादों के समाधान में संयुक्त शनिवारीय बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे अनिवार्य रूप से आयोजित करने और कार्यवाही अपलोड करने का आदेश दिया।

आरटीपीएस की समीक्षा में पाया गया कि 22 आवेदन समय-सीमा के बाद भी लंबित थे। इनमें दानापुर में जन्म प्रमाणपत्र के 11, फुलवारीशरीफ में पेंशन के 7, मोकामा में पेंशन के 2, अथमलगोला व बिहटा में पेंशन का एक-एक मामला एक्सपायर हो चुका है। डीएम ने इन मामलों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और उन्हें सख्त चेतावनी दी। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तय समय-सीमा में आवेदनों का निष्पादन न करने वाले अधिकारियों पर प्रति एक्सपायर्ड आवेदन जुर्माना लगाते हुए तीन दिन में रिपोर्ट दें। साथ ही, लोकसेवा केंद्रों का निर्धारित मानकों के अनुसार सुदृढ़ीकरण और सुंदरीकरण करने का निर्देश दिया ताकि लोगों को उत्कृष्ट सुविधा मिल सके। इसके लिए अंचलों को राशि आवंटित की गई है और भविष्य में भी जरूरत के अनुसार राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

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