
Bihar IT Hub: बिहार का पश्चिम चंपारण जिला अब सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने को तैयार है। हाल ही में छात्र जदयू कार्यकर्ताओं की मांग पर निशांत कुमार ने बेतिया में घोषणा की कि पश्चिम चंपारण को आईटी सेक्टर का हब बनाया जाएगा। उनकी सद्भावना यात्रा के दौरान यह बड़ा वादा किया गया, जिससे क्षेत्र के युवाओं में नई उम्मीद जगी है।
पश्चिम चंपारण में बनेगा Bihar IT Hub: छात्रों से किया वादा
छात्र जदयू के जिला अध्यक्ष मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में बेतिया के ऑडिटोरियम में पहुंची सैकड़ों छात्राओं से अचानक निशांत कुमार ने मुलाकात की। उन्होंने छात्राओं के साथ सेल्फी ली और उनकी मांगों को सुना। छात्राओं ने बेतिया में विश्वविद्यालय स्थापित करने और रोजगार सृजन के लिए आईटी सेक्टर का हब बनाने की पुरजोर मांग की। निशांत कुमार ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि पश्चिम चंपारण जल्द ही आईटी हब के रूप में विकसित होगा। यह घोषणा क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सद्भावना यात्रा का उद्देश्य और प्रमुख पड़ाव
निशांत कुमार की सद्भावना यात्रा की शुरुआत सोमवार सुबह जंगल सफारी के अवलोकन से हुई, जहां उन्होंने प्रकृति की सुंदरता का अनुभव किया। इससे पहले रात में उन्होंने बगहा नगर में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने गंडक बराज और कन्वेंशन सेंटर का भी निरीक्षण किया, विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान वाल्मीकि नगर के पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। सद्भावना यात्रा के पहले दिन का समापन गंडक बराज स्थित गेस्ट हाउस में हुआ, जहाँ कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। निशांत कुमार ने इस आत्मीय स्वागत के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में सद्भाव, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाना है। उन्होंने थारू जनजाति की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को बिहार की पहचान बताया और वाल्मीकिनगर के लक्ष्मीपुर में थारू समुदाय के लोगों से मिलकर उनकी जीवनशैली को करीब से जाना। जनसंवाद कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
एनडीए शासन में बिहार का विकास और Bihar IT Hub का विज़न
रमना स्थित ऑडिटोरियम में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निशांत कुमार ने कहा कि एनडीए के शासनकाल में बिहार का चौमुखी विकास हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 से पहले बिहार की पहचान ‘जंगल राज’ के रूप में थी, जहाँ नागरिक सुविधाओं का घोर अभाव था। लेकिन 2005 के बाद, उनके पिताजी (नीतीश कुमार) के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने पर सुशासन का राज कायम हुआ, और अपहरण, लूटपाट जैसी घटनाएं खत्म हुईं। निशांत कुमार ने कहा कि पिताजी को हमेशा आपका आशीर्वाद मिलता रहा है और वे भी लोगों से ऐसी ही कृपा बनाए रखने की अपील करते हैं। उन्होंने अपने पिता के 20 वर्षों के शासनकाल में हुए विकास कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्य शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए के बेहतर कार्यों की सराहना की और अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि पिताजी की तरह उन्होंने भी अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत पश्चिम चंपारण से की है। महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह यहीं से शुरू किया था, और पिताजी ने 2005 में अपनी न्याय यात्रा भी यहीं से आरंभ की थी। पश्चिम चंपारण विकास के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस अवसर पर जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि यह निशांत कुमार की राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि त्याग, एकता और भाईचारे की यात्रा है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने निशांत कुमार के नेतृत्व में जदयू के उज्ज्वल भविष्य की बात कही और चंपारण में उनकी यात्रा के दौरान उमड़ी अपार भीड़ को रेखांकित किया, जो नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद कार्यकर्ताओं में आए खालीपन को दूर कर रही है। सम्मेलन में सांसद सुनील कुमार, विधायक मंजीत सिंह, समृद्ध वर्मा, डॉ. एनएन शाही, जिलाध्यक्ष कन्हैया प्रसाद कुशवाहा, जिला महासचिव अभय कुमार राय, प्रभात रंजन सिंह, शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा, छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार गुप्ता, मोहन साह गोंड, डॉ बृजेश कुशवाहा, दयानंद कुशवाहा, विद्या सिंह पटेल, डॉ दीपक सिंह दीपू, विजय राउत समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। निशांत कुमार ने महाकालेश्वर मंदिर में भगवान भोलेनाथ और बजरंगबली के दर्शन कर आशीर्वाद भी लिया, जहां बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार भी मौजूद थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। पश्चिम चंपारण विकास की गति को और तेज करने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।







