
कच्ची दरगाह-बिदुपुर ब्रिज: उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी कम होने वाली है! बिहार को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है, जो राज्य के लाखों लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी. कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर आवागमन शुरू होने वाला है.
जानकारी के अनुसार, कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल जून महीने तक पूरी तरह से शुरू होने की संभावना है. रविवार को पुल के पाया नंबर 61 पर अंतिम सेगमेंट भी सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया, जिसके बाद निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. लगभग 22.76 किलोमीटर लंबा यह पुल 67 पायों पर टिका है और इसके निर्माण में करीब 4988.4 करोड़ रुपए की लागत आई है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ऐसे में संभावना है कि जून महीने तक इस सिक्सलेन पुल पर आवागमन शुरू हो सकता है, जिससे उत्तर बिहार को पटना समेत दक्षिण बिहार से सीधा और मजबूत जुड़ाव मिल जाएगा.
इससे पहले, पहले चरण में कच्ची दरगाह से राघोपुर तक 4.57 किलोमीटर लंबे पुल का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था.
पुल का अंतिम चरण और खासियतें
पुल के अंतिम सेगमेंट को सफलतापूर्वक स्थापित करने के लिए रविवार सुबह से ही एलएंडटी, देबू ज्वाइंट वेंचर और बीएसआरडीसी के अधिकारी मौके पर मौजूद थे. अधिकारियों की टीम एक विशेष बाज जहाज पर सवार होकर पाया नंबर 61 के पास पहुंची, जबकि दूसरे बाज जहाज पर सेगमेंट लोड कर लाया गया था. इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान बाज जहाजों को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था, जो इस उपलब्धि का जश्न मना रहा था.
कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन ब्रिज का निर्माण एलएंडटी और कोरियाई कंपनी देबू ज्वाइंट वेंचर द्वारा किया जा रहा है. पुल का डिजाइन भी कोरियाई कंपनी ने ही तैयार किया है, जो इसकी इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को दर्शाता है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस महासेतु के शुरू होने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी घटेगी.
कच्ची दरगाह-बिदुपुर ब्रिज: कैसे बदलेगा सफर?
इस कच्ची दरगाह-बिदुपुर ब्रिज के शुरू होने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी. पटना से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जैसे जिलों का सफर बेहद आसान हो जाएगा. वर्तमान में लोगों को गांधी सेतु या जेपी सेतु का सहारा लेना पड़ता है, जहां अक्सर भारी जाम की समस्या बनी रहती है. यह पुल न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि उत्तर बिहार कनेक्टिविटी को मजबूत कर क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
निर्माण और डिजाइन की अहमियत
यह भव्य सिक्सलेन पुल बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. आधुनिक इंजीनियरिंग और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग कर निर्मित यह पुल न केवल यातायात को गति देगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा. यह परियोजना उत्तर बिहार कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
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