Bihar AI: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के जनप्रतिनिधियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक अपनाने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि इन आधुनिक उपकरणों के प्रयोग से शासन व्यवस्था में सुधार होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और राज्य के विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात बिहार विधानमंडल के सदस्यों के लिए आयोजित AI संवेदीकरण और ‘मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना’ पर एक उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने योजना के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम (PMS) वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन में आयोजित किया गया था।







AI से कैसे बचे सरकारी खजाने के करोड़ों रुपये?
मंत्रियों, विधायकों और विधान पार्षदों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि AI और डिजिटल तकनीकें अब शासन और सार्वजनिक प्रशासन का अभिन्न अंग बन चुकी हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों की बेहतर निगरानी और नागरिकों के साथ प्रभावी संचार के लिए AI का उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि भवन निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए गए अनुमानों के AI आधारित विश्लेषण से परियोजनाओं की लागत में 5-7% तक की कमी आई है। इस बचत को अतिरिक्त विकास परियोजनाओं में लगाया जा सकता है।
सम्राट चौधरी ने कहा, “आज के डिजिटल युग में, जो लोग AI को नहीं अपनाएंगे, वे विकास की दौड़ में पिछड़ जाएंगे।”
बिहार में इन सरकारी योजनाओं में पहले से हो रहा AI का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कई सरकारी पहलों पर प्रकाश डाला, जहां AI और डिजिटल प्रौद्योगिकियों का पहले से ही उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक का लाभ उठा रही है:
- ‘सहयोग’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन में AI का उपयोग किया जा रहा है।
- एक करोड़ पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में तकनीक सहायता कर रही है।
- 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने के लक्ष्य के साथ एक डिजिटल किसान सर्वेक्षण चल रहा है।
- सभी पंचायतों में मौसम स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनसे 70-80% सटीकता के साथ पूर्वानुमान मिल रहे हैं, जो कृषि और ग्रामीण नियोजन के लिए फायदेमंद हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी प्रणालियों की भूमिका और बढ़नी चाहिए।
मुजफ्फरपुर में बनेगी AI यूनिवर्सिटी, विधायकों को भी मिलेगी ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि बिहार डिजिटल शिक्षा को मजबूत कर रहा है और घोषणा की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर विज्ञान को समर्पित एक विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने विधायकों और उनके कर्मचारियों के लिए AI, कंप्यूटर और सोशल मीडिया पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि वे विकसित हो रही तकनीकों से अपडेट रहें और नागरिकों को अधिक कुशलता से सेवा दे सकें। मुख्यमंत्री ने बिहार को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के जिम्मेदार उपयोग से लोकतांत्रिक संस्थाएं और मजबूत हो सकती हैं।
इस कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, वरिष्ठ मंत्री, विधायक, विधान पार्षद, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।









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