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NEET Paper Leak विवाद गहराया, IDPD की मांग तेज, इस्तीफा दें शिक्षा मंत्री, NTA पर उठे गंभीर सवाल

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NEET Paper Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET से जुड़ा कथित पेपर लीक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला अब केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर संकट बन गया है। अब इंडियन डॉक्टर्स फॉर पीस एंड डेवलपमेंट (IDPD) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग कर दी है।

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IDPD का कहना है कि बार-बार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव और असमंजस से बचाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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NEET Paper Leak पर उठ रहे सवाल

IDPD ने अपने बयान में कहा है कि NEET Paper Leak विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक चूक का मामला नहीं रहा। संगठन का दावा है कि लगातार हो रही घटनाएं यह बताती हैं कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक कमजोरियां हैं। यदि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी है, तो शिक्षा मंत्री को पद छोड़कर जांच प्रक्रिया से खुद को अलग करना चाहिए, ताकि किसी भी राजनीतिक प्रभाव या हितों के टकराव की आशंका न रहे।

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संगठन ने NTA के पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। बयान में कहा गया कि एजेंसी के गठन के बाद से कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं और उन्हें कई बार स्थगित करना पड़ा, जिससे छात्रों के बीच भरोसे का संकट गहरा गया। एक जैसी घटनाओं का बार-बार दोहराया जाना केवल तकनीकी गलती नहीं माना जा सकता।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और विश्वसनीयता का संकट

करीब 23 लाख NEET अभ्यर्थियों और उनके परिवारों पर इस विवाद का सीधा असर पड़ा है। छात्रों ने लंबे समय तक तैयारी की और कई परिवारों ने आर्थिक दबाव झेला। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने से युवाओं में भारी निराशा है। परीक्षा रद्द होने या जांच के दायरे में आने जैसी स्थितियां मेहनती छात्रों के साथ अन्याय जैसा महसूस होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

IDPD ने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं को एक पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली चाहिए। बार-बार सामने आने वाले परीक्षा विवादों से सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार और संबंधित एजेंसियों को अधिक जवाबदेही दिखानी होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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