
Nitish Kumar Photos: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम ऐसे नेताओं में शुमार है, जिनकी पहचान सिर्फ लंबे राजनीतिक सफर से ही नहीं, बल्कि सादगी और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए भी होती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर Nitish Kumar की एक बेहद भावुक और यादगार तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जो उनके राजनीतिक जीवन के एक दुर्लभ पल को सामने लाती है।
CM बनने के बाद मां का लिया आशीर्वाद
यह तस्वीर वर्ष 2005 की है, जब नीतीश कुमार पहली बार पूर्णकालिक मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे थे। उनके साथ उनके पुत्र निशांत कुमार भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद गांव पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले अपनी मां परमेश्वरी देवी का आशीर्वाद लिया था।




वायरल हो रही तस्वीर में बुजुर्ग परमेश्वरी देवी एक प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठी दिखाई दे रही हैं। उनके सामने मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार झुककर उनसे बातचीत कर रहे हैं। वहीं, निशांत कुमार भी पास खड़े होकर मां-बेटे की बातचीत को ध्यान से सुनते नजर आते हैं। तस्वीर में मौजूद मंजू सिन्हा भी परिवार के बीच इस भावुक पल की साक्षी बनी दिखती हैं। यह दृश्य साफ बताता है कि सत्ता के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बाद भी Nitish Kumar ने अपने पारिवारिक संस्कार और जड़ों से जुड़ाव को हमेशा प्राथमिकता दी।
हालांकि, नीतीश कुमार पहली बार मार्च 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन वह कार्यकाल महज सात दिनों का रहा था। इसके बाद 24 नवंबर 2005 को उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने गांव पहुंचकर मां का आशीर्वाद लेना उस दौर की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक माना गया था। यह मुलाकात सिर्फ एक पारिवारिक क्षण नहीं थी, बल्कि उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत पहचान का भी प्रतीक बन गई।
सादगी की मिसाल बना पैतृक घर
Nitish Kumar का बख्तियारपुर और कल्याण बिगहा स्थित पैतृक घर हमेशा उनकी सादगी की पहचान रहा है। तस्वीर में घर का साधारण माहौल और परिवार का सहज जीवन इस बात का प्रमाण देता है कि राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंचने के बावजूद उन्होंने अपनी जड़ों से दूरी नहीं बनाई। आज उनकी मां परमेश्वरी देवी और पत्नी मंजू सिन्हा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन यह तस्वीर परिवार के साथ बिताए गए उन खास पलों की याद दिलाती है।
भावुक कर रही ये पुरानी तस्वीर
करीब दो दशक पुरानी यह तस्वीर एक बार फिर लोगों को भावुक कर रही है। कई लोग इसे एक ऐसे नेता की तस्वीर बता रहे हैं, जिसने राजनीति की व्यस्तताओं के बीच भी परिवार और संस्कारों को हमेशा महत्व दिया। राजनीतिक इतिहास के लिहाज से भी यह तस्वीर खास मानी जाती है, क्योंकि इसमें बिहार का मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि अपनी मां का आशीर्वाद लेने पहुंचा एक बेटा नजर आता है।
यह तस्वीर आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है कि सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने के बाद भी अपनी जड़ों और पारिवारिक संस्कारों को कभी नहीं भूलना चाहिए। यह नीतीश कुमार के व्यक्तित्व का एक ऐसा पहलू उजागर करती है, जो उन्हें सिर्फ एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक सामान्य पुत्र और पारिवारिक व्यक्ति के रूप में भी परिभाषित करता है।







